एचपीयूः शिक्षक भर्ती को लेकर ईसी ने लिया बड़ा फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिक्षक भर्ती मामले में परिणाम घोषित करने और रुकी भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन राज्यपाल से स्वीकृति मांगेगा। उच्च न्यायालय के फैसले पर कानूनी राय लेने और पड़ोसी राज्यों के विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया की जानकारी के आधार पर प्रतिवेदन तैयार कर राज्यपाल को सौंपा जाएगा। कुलपति की अगुवाई में ईसी सदस्य राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।
शुक्रवार को विवि में कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। कार्यकारी परिषद की इस आपात बैठक में उच्च न्यायालय की ओर से प्राध्यापकों की नियुक्ति के संबंध में दिए गए फैसले पर विस्तृत चर्चा की गई। मीटिंग में सह-आचार्यों तथा आचार्यों की भर्ती को अब तक हुए साक्षात्कार के परिणाम को जल्द से जल्द घोषित करने पर आम राय बनी, ताकि विवि में रिक्त चल रहे शिक्षकों के पदों को भरा जाए।
ईसी की बैठक में लिया फैसला
विवि के लाइफ लांग लर्निंग (जीवनवृत्त उन्नति योजना) के तहत लिए गए साक्षात्कारों के परिणाम भी घोषित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यूजी कक्षाओं में लागू किए गए रूसा सीबीसीएस को लागू करने में पेश आ रही दिक्कतों पर भी चर्चा हुई। इन तमाम कठिनाइयों को दूर करने के लिए सॉफ्टवेयर तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने को स्वीकृति प्रदान की गई।
इस दौरान प्रति-कुलपति आचार्य राजेंद्र सिंह चौहान, उपाध्यक्ष राज्य पर्यटन निगम हरीश जनार्था, विधायक और उपाध्यक्ष हस्त शिल्प एवं हथकरघा निगम, उच्चतर शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी, विशेष सचिव वित्त हिमाचल प्रदेश राजीव शर्मा, विशेष सचिव शिक्षा, ईसी सदस्य देवी राम वर्मा, आचार्य सतीश भड़वाल, आचार्य पीएन बंसल, आचार्य एमएस चौहान, डॉ. अनुराग शर्मा उपस्थित रहे। बैठक की कार्यवाही कुलसचिव डा. पंकज ललित ने की।
राज्यपाल ने लगाई थी लिफाफे खोलने पर रोक
प्रदेश के राज्यपाल और विवि के कुलाधिपति के दरबार में शिक्षक भर्ती मामला पहुंचने के बाद राज्यपाल ने 200 शिक्षकों की भर्ती के ग्यारह पदों के परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 2012 से लेकर कोर्ट के विचाराधीन 37 सहायक आचार्य भर्ती मामले पर 6 अक्तूबर को उच्च न्यायालय ने फैसला दिया।
इन आदेशों में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और यूजीसी के सहायक आचार्य के लिए तय न्यूनतम पात्रता शर्तों (नेट/एसएलईटी/सेट) को ध्यान में रखते हुए विवि को एक एक उम्मीदवार की पात्रता जांचने के बाद परिणाम तैयार करने के आदेश दिए थे। इसके साथ ही विवि ने नई शुरू की 200 शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया के 17 और 18 अक्तूबर को तय साक्षात्कार को भी रोक दिया था।
सदस्य देवी राम ने उठाया पद भरने का मामला
ईसी सदस्य देवी राम वर्मा ने विवि में प्लानिंग एंड डेवलपमेंट आफिसर, अतिरिक्त परीक्षा नियंत्रक सहित पांच उप कुलसचिव, सात सहायक कुलसचिव जैसे अधिकारियों के पदों को भरने का मामला उठाया। जिस पर कुलपति ने कहा कि प्रति कुलपति की अध्यक्षता में मामले को लेकर कमेटी गठित की गई है, जिस पर अगली ईसी की बैठक में फैसला ले लिया जाएगा।