छात्र संघ चुनाव पर आया ईसी का बड़ा फैसला, पढ़ना न भूलें
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और कॉलेजों में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव नहीं होंगे। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव पर लगी रोक को बरकरार रखते हुए इस सत्र में भी अप्रत्यक्ष मनोनयन से एससीए गठन करने का फैसला लिया है।
विश्वविद्यालय और कॉलेजों को 24 से 31 अगस्त के बीच मनोनयन से एससीए गठन की प्रक्रिया पूरी करने का समय दिया गया है। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी की अध्यक्षता में हुई बैठक के ऐजेंडा में शामिल होने के बावजूद विवि में सहायक आचार्य पद भरने को हुई भर्ती प्रक्रिया के तहत अब तक हुए पांच विभागों के ग्यारह रिक्त पदों के लिफाफे नहीं खोले गए।
एचपीयू में खुला नौकरियों का पिटारा
सूत्रों की मानें तो मामला राजभवन जाने के बाद राज्यपाल के कार्यालय से परिणाम न घोषित करने के आदेश विवि को मिले। इसके साथ ही राजभवन ने वर्ष 2012 में 37 पदों के लिए और 2015 में 11 पदों के लिए रखी गई पात्रता शर्तों और अपनाई गई भर्ती प्रक्रिया का ब्यौरा तलब किया है।
बैठक में लिए गए अन्य अहम फैसलों में कार्यकारिणी परिषद् ने कुल छह फैसले लिए है। परिषद ने वित्त समिति की सिफारिशों पर विश्वविद्यालय में रिक्त पड़े अलग अलग श्रेणी के 68 पद भरने को स्वीकृति प्रदान की।
वहीं विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र धर्मशाला में एक आचार्य और आठ सहायक आचार्यों के पदों को भरने को मंजूरी दी गई। इसके अलावा 19 पद जूनियर आफिस असिस्टेंट के रहेंगे। इसके अलावा मैस हेल्पर, माली, चतुर्थ श्रेणी के पद हैं।
रूसा पर भी आया फैसला
कॉलेजों में लागू सीबीसीएस रूसा प्रणाली को आर्डिनेंस में शामिल करने को एक अगस्त को हुई विवि की आकादमिक काउंसिल की स्थाई समिति के सभी फैसलों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। रूसा के तहत स्नातक डिग्री लेने के लिए अधिकतम 120 और न्यूनतम 106 क्रैडेट लेना अनिवार्य होगा।
कॉलेजों के यूजी छात्र अन्तर संस्थान स्थानांतरण कर सकेंगे। वहीं सीबीसीएस के तहत अंतिम सत्र परीक्षा में 70 प्रतिशत क्रेडेट पूरे करने की शर्त रहेगी। नए सिस्टम में समेस्टर परीक्षा और सीसीए आंतरिक मूल्यांकन का अंक विभाजन 70:30 होगा जो पूर्व में 50:50 था।
इस नई प्रणाली में छात्र को एक सेमेस्टर में सिर्फ एक ही मिड टर्म परीक्षा देने के प्रस्ताव को भी कार्यकारी परिषद ने मंजूर कर लिया है। स्थाई समिति के इन प्रस्तावों को मंजूरी मिल जाने के बाद अब विवि इस नए सिस्टम को विवि आर्डिनेंस में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी करेगा।
ये हुए अन्य फैसले, छात्रों ने जताया विरोध
अन्य लिए गए फैसलों में कार्यकारी परिषद ने कश्मीरी विस्थापितों के लिए प्रवेश के समय कट ऑफ में 10 प्रतिशत की छूट देने, प्रत्येक विषयों में 5 प्रतिशत सीटें बढ़ाने के साथ ही स्थाई प्रमाण पत्र में छूट देने का निर्णय लिया गया।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के 2013 के संशोधित नियमों को लागू किए जाने, भर्ती एवं पदोन्नति की विवि की समिति की सिफारिशों को भी ईसी ने मंजूरी दे दी है। वहीं, इस बार भी छात्र संघ चुनाव न करवाए जाने से नाराज छात्र संगठनों ने अपना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एसएफआई, एबीवीपी संगठनों के नेताओं का कहना है कि उनसे उनका अधिकार छीना जा रहा है।