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प्रदेश विवि ने नहीं माने इनके आदेश

Thu, 04 Dec 2014 02:05 PM IST
Updated Thu, 04 Dec 2014 02:05 PM IST
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HPU did not revisd Bed syllabus.

प्रदेश विश्वविद्यालय बीएड कोर्स के सिलेबस में आवश्यक बदलाव नहीं कर पाया है। इसमें बदलाव के एमएचआरडी और एनसीटीई (नेशनल काउंसिल ऑफ टीचर्स एजूकेशन) ने आदेश दिए थे। एनसीटीई ने जस्टिस वर्मा की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक बीएड के करिकुलम में आवश्यक बदलाव लाकर सिलेबस तैयार करने को कहा है।

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वर्ष 2009 में विवि को एनसीएफटीई-2009 के मुताबिक ये आदेश दिए गए हैं। प्रदेश विवि अकादमिक काउंसिल की स्टैंडिंग कमेटी से सिलेबस को मंजूर नहीं करवा पाया है। हालांकि, विवि के शिक्षा विभाग स्तर पर करिकुलम और नया सिलेबस जस्टिस वर्मा की सिफारिशों के मुताबिक बनाया गया है, मगर इसे अकादमिक काउंसिल की स्टैंडिंग कमेटी से मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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बताया जा रहा है कि सिलेबस 2012 में तैयार कर लिया गया था, लेकिन इसे कमेटी के सामने पेश ही नहीं किया गया। नए करिकुलम के करीब 80 पेज के दस्तावेज को कब मंजूरी मिलेगी, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।
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जल्द लागू करने के दिए आदेश

HPU did not revisd Bed syllabus.

एनसीटीई और मानव संसाधन मंत्रालय बार-बार रिमाइंडर भेजकर इसे जल्द लागू करने को कह रहा है। देश के कई विश्वविद्यालय इसे लागू कर भी चुके हैं। विवि के कुलसचिव प्रो. मोहन झारटा का कहना है कि इसको लेकर प्रक्रिया जारी है। जल्द शेष बची प्रक्रिया को पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे।

एनसीएफटीई (नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर टीचिंग एजूकेशन-2009) पहले से स्कूलों में लागू सिफारिशों के आधार पर शिक्षकों का बीएड के करिकुलम में बदलाव किया जाना था। इसमें साफ था कि स्कूलों में पहली से दसवीं तक किस तरह के विषय पढ़ाए जाने हैं और कैसे पढ़ाए जाने हैं।

नए मानकों में प्रशिक्षण नहीं ले रहे भावी शिक्षक

एचपीयू और इससे संबद्ध 75 से अधिक बीएड कॉलेजों में कोर्स कर रहे भावी शिक्षक एनसीटीई और एमएचआरडी के तैयार मानकों के तहत प्रशिक्षण नहीं ले पा रहे हैं। नया करिकुलम क्यों लागू नहीं हो पा रहा है, ढील क्यों बरती जा रही है, यह समझ से परे है।

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