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तकनीकी विवि में अब ऐसे तैयार होगा रिजल्ट

Wed, 07 Oct 2015 09:52 AM IST
Updated Wed, 07 Oct 2015 09:52 AM IST
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HPTU: Now grading system for exam result.

हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर ने सभी डिग्री कोर्सों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू कर दिया है। दिसंबर माह में होने वाली इंजीनियरिंग, एमबीए, एमसीए, बी-फार्मेसी, एम-फार्मेसी, एमटेक की वार्षिक परीक्षाओं का इस बार च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से रिजल्ट तैयार होगा। छात्रों को अब अंकों के बजाय ग्रेडिंग और परसेंटेज मिलेगी।

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इसके साथ ही तकनीकी विवि ने उद्योगों की जरूरत के मुताबिक इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम में भी बदलाव कर दिया है। इंजीनियरिंग प्रथम और द्वितीय वर्ष के पाठ्यक्रम में डिजास्टर मैनेजमेंट एंड इन्वायरमेंटल इकोलॉजी नए विषय को जोड़ा गया है।
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बीटेक प्रथम वर्ष में इंग्लिश कम्युनिकेशन स्किल, इंजीनियरिंग मैथ्स, इंजीनियरिंग फिजिक्स एंड केमेस्ट्री, इंजीनियरिंग मेकेनिकल, इंजीनियरिंग ड्राइंग तथा प्रोफेशनल कम्युनिकेशन स्किल के पाठ्यक्रम को बदला गया है।
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इसके साथ ही बीटेक द्वितीय वर्ष में बिजनेस कम्युनिकेशन, फंडामेंटल ऑफ इलेक्ट्रानिक्स, वर्कशाप टेक्नालॉजी के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया। इसके अलावा एमबीए और एम-फार्मा के सिलेबस को भी रिवाइज्ड किया गया है। अकेडमिक काउंसिल के इस प्रस्ताव को बोर्ड आफ गवर्निंग ने अपनी मंजूरी दे दी है।

रिसर्च सेमिनार पर मिलेगी ग्रांट

HPTU: Now grading system for exam result.

तकनीकी विवि ने रिसर्च सेमिनार के लिए अनुदान देने का निर्णय भी लिया है। तकनीकी विवि से संबद्ध कोई भी महाविद्यालय सेमिनार करवा सकता है। तकनीकी विवि एक दिवसीय सेमिनार के लिए 30 हजार रुपये, दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के लिए 50 हजार रुपये, दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के लिए 75 हजार रुपये अनुदान प्रदान करेगा।

यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार विनय कुमार ने कहा कि दिसंबर से लागू होगा च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम से परीक्षा परिणाम तैयार होगा। बीटेक के प्रथम और द्वितीय सेमेस्टर और एमबीए तथा एम-फार्मा के पाठ्यक्रम में भी उद्योगों की जरूरत के मुताबिक बदलाव किया गया है।

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