एचपीयू ने बदले परीक्षा नियम, मिलेगा एक्सट्रा टाइम
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय विकलांग छात्रों को नई परीक्षा नीति का लाभ देगा। शारीरिक रूप से अक्षम, दृष्टिहीन और लिखने में असमर्थ छात्र परीक्षाओं में राइटर की सुविधा ले सकेंगे। तीन घंटे की परीक्षा में एक घंटे का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
विवि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की परीक्षा नीति को लागू करने जा रहा है। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने संबंधित विभाग को आदेश जारी कर दिए हैं। केंद्र की ओर से घोषित परीक्षा नीति में दृष्टिहीन एवं विकलांगता के कारण लिख पाने में असमर्थ छात्रों को कई रियायतें दी जाएंगी।
परीक्षाओं में राइटर लेने के लिए अब कोई शर्त लागू नहीं होगी। अक्षम छात्रों के लिए कोई भी राइटर बन सकेगा।
कुलपति ने बनाई कमेटी
परीक्षा नीति लागू करने को कुलपति ने कमेटी बनाई है। इसमें अजय श्रीवास्तव एसोसिएट प्रोफेसर सदस्य सचिव होंगे। श्रीवास्तव ने बताया कि नई नीति 27 नवंबर से शुरू हो रही परीक्षाओं में लागू होगी।
40 प्रतिशत या इससे अधिक दृष्टि बाधित, दृष्टिहीनता से ग्रस्त और हाथ से लिखने में असमर्थ विकलांग छात्रों को नई परीक्षा नीति का लाभ दिया जाएगा। अभी तक राइटर परीक्षार्थी से एक दर्जा कम पढ़ा होना चाहिए था। नई नीति में कहा गया है कि यह देखना ड्यूटी पर तैनात शिक्षक का काम है कि राइटर वही लिखे जो परीक्षार्थी ने बोला हो।
अब प्राचार्य अपने स्तर पर अक्षम छात्रों को राइटर की अनुमति दे सकेंगे। आपात स्थित में छात्र राइटर बदल भी सकेंगे। अब उन्हें एक घंटे का अतिरिक्त समय मिलेगा। राइटर की अनुमति देने का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
2016-17 से दी जाएगी पूरी सुविधा
नई नीति में दृष्टिहीन छात्रों से परीक्षा में मानचित्र आधारित प्रश्नों के बदले दूसरे प्रश्न पूछे जाएंगे। नीति के कुछ अंश 2016-17 से लागू होंगे। यह नीति 27 नवंबर की परीक्षा से लागू की जाएगी। इसमें पूरी सुविधाएं 2016-17 से दी जाएंगी। इसमें पात्र छात्रों को ब्रेल या कंप्यूटर पर परीक्षा देने का विकल्प दिया जाएगा। उन्हें ब्रेल में या सॉफ्ट कॉपी में प्रश्न पत्र भी दिए जाएंगे।
विवि-कॉलेजों में बनेंगे राइटर पूल
प्रदेश विश्वविद्यालय कॉलेज स्तर पर राइटर पूल बनाएगा। इसमें से ही ऐसे छात्रों को राइटर उपलब्ध करवाए जाएंगे। प्रत्येक राइटर को विवि एवं कॉलेज पारिश्रमिक का भुगतान भी करेंगे। कंप्यूटर पर परीक्षा की मांग करने वालों को टॉकिंग सॉफ्टवेयर वाले कंप्यूटर की सुविधा और मूक बधिरों को ‘ऑब्जेक्टिव टाइप’ प्रश्न पत्र उपलब्ध करवाने की सुविधा दी जाएगी।