अब छात्रों से ये फीस भी वसूलेगा एचपीयू
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परीक्षा फीस में कई गुणा की बढ़ोतरी करने के बाद अब हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय आम छात्रों से एक और फीस वसूलने की तैयारी कर रहा है। एचपीयू अब संबंद्ध कॉलेजों में पढ़ रहे सभी छात्रों से अब यूनिवर्सिटी विकास फंड की वसूली भी करेगा।
इसमें हर छात्र से प्रति शैक्षणिक सत्र 500 रुपये वसूल किए जाएंगे। बीपीएल और आईआरडीपी परिवारों से संबद्ध छात्रों पर कुछ मेहरबानी की गई है, उनसे ढाई सौ रुपये का फंड वसूला जाएगा।
एचपीयू ने कॉलेजों में बीते सत्र शुरू किये नए रूसा सिस्टम में पहले ही परोक्ष रूप से फीस 280 वार्षिक से बढ़ाकर 600 और 700 प्रति सत्र कर दिया है। अब कॉलेजों के छात्रों की जेब पर फिर से सेंधमारी कर पांच सौ के फंड की वूसली होगी।
कॉलेजों को जारी किए निर्देश
प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलसचिव की ओर से 15 अक्तूबर को जारी आदेशों पर सभी कॉलेज प्राचार्यों को जल्द से जल्द यूनिवर्सिटी विकास फंड के नाम पर शुल्क वसूल करने के आदेश मिल चुके है। हालांकि इसकी अभी वसूली शुरू नहीं हुई है।
छात्र परीक्षाएं आयोजित करने की एवज में पहले ही कई गुणा बढ़ाई फीस को अदा कर रहा है, तो अब यूनिवर्सिटी विकास शुल्क के नाम पर प्रदेश भर के डेढ़ लाख से अधिक छात्रों से पांच सौ प्रति छात्र के हिसाब से लिए जाने वाले शुल्क से विवि को करोड़ों मिलेंगे।
इस शुल्क का कैसे प्रयोग होगा और इसकी क्या जरूरत पड़ी? इस राशि का छात्र हित में इस्तेमाल होगा या फिर विवि के अपने खर्च और कर्मचारियों के वेतन पर यह भी साफ नहीं है।
कॉलेज पहले ही दे रहे कई शुल्क
प्रदेश भर के सभी कॉलेज पहले ही विवि को संबद्धता शुल्क कोर्स के हिसाब से चुका रहा है। जिसमें बीसीए जैसे कोर्स की फीस 60 हजार प्रति कॉलेज विवि वसूलता है, यूजी के अन्य कोर्स भी 40 से 75 हजार तक संबद्धता शुल्क अलग से वूसल कर रहा है।
इसके साथ ही छात्र से स्पोटर्स कल्चरल फंड के रूप में 61 रुपये प्रति छात्र, कंटीन्यूशन फीस दूसरे कौर तीसरे साल के छात्र से। नया प्रवेश लेने वाले छात्रों से तीस के बजाय दो सौ से चार रुपये भी अलग वसूला रहा है। इसके बावजूद अब इस नई फंड वसूली से छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय है।
छात्रों से वार्षिक लिया जाएगा शुल्क- कुलसचिव
विवि के कुलसचिव प्रो. मोहन झारटा ने माना कि कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों ने वार्षिक पांस सौ रुपये और बीपीएल और आईआरडीपी परिवार के छात्रों से ढाई सौ रुपये यूनिवर्सिटी विकास शुल्क वसूल किया जाएगा।
इस संदर्भ में कॉलेजों को पत्र भेज सूचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी की सिफारिशों के आधार पर ईसी से मंजूरी मिलने के बाद ही आदेश जारी किये गए है। इस फंड का छात्र हित और सुविधाओं में इस्तेमाल किया जाएगा। डिग्री के पेपर की क्वालिटी और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर खर्च किया जाएगा।