लाखों छात्रों के रिजल्ट पर मंडराया नया संकट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले 19 दिनों से आंदोलनरत विवि कर्मचारियों की मांगों का कोई समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में अब सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए कर्मचारियों ने आवेदन भी कर दिया है।
यदि ऐसा होता है तो कई कक्षाओं के रिजल्ट नहीं निकल पाएंगे। बीए, बीएससी और बीकॉम समेत कई कक्षाओं के रिजल्ट पहले ही दो महीने लेट है। ऐसे में यदि कर्मचारी कामकाज ठप करते हैं तो छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हो जाएगा।
जेसीसी के बैनर तले कर्मचारियों ने मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे प्रशासनिक भवन के सामने एकत्र होकर गेट मीटिंग और शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कर्मचारियों ने वर्क टू रूल को भी जारी रखा हुआ है।
कभी भी ठप हो सकता है काम
जेसीसी के आह्वान पर विश्वविद्यालय के सैकड़ों कर्मचारियों की सामूहिक अवकाश के आवेदन भी जमा हो चुके है। इस पर जेसीसी कभी भी सामूहिक अवकाश पर जाने का ऐलान कर सकती है।
मंगलवार को हुई कर्मचारियों की गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगे लगातार नजरअंदाज की जा रही है। विवि के अधिकारी कर्मचारियों और विवि की चिंता किए बिना अपनी सीटों पर चिपके रहने में अधिक रुचि ले रहे है।
जेसीसी चेयरमैन डा. हितेश्वर ठाकुर ने कहा की 21 तारीख को प्रशासन ने कर्मचारियों की शिकायत निवारण समिति की बैठक बुलाई है, यदि प्रशासन का रुख कर्मचारियों की जायज मांगो को पूरा करने के लिए सुहार्दपूर्ण नहीं रहा तो कर्मचारियों आंदोलन और उग्र होगा।
ये हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें
निर्माण शाखा मे कर्मचारियों के पदोन्नति नियमों को लेकर बैठक बुलाई जाए, जूनियर लाइब्रेरी सहायक चौकीदार सेवादार और सुरक्षा कर्मियों के पदों पर अति शीघ्र भर्ती, पदोन्नति की जाए, लंबित पड़े करुणामूलक आधार मामले निपटाकर आश्रितों को नियुक्ति दी जाए।
गैर शिक्षक और शिक्षकों के रिक्त 565 पदों को भरा जाए, वित्तीय संकट के मामले को सरकार से उठाया जाए, प्रशासनिक अधिकारियों कि वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
सचिवालय वेतन को लेकर कार्यकारिणी परिषद के निर्णयों अनुसार को लागू किया जाए, इलेक्ट्रिशियन वर्ग तथा लेब स्टाफ से संबंधित जारी अधिसूचनाओं को लागू करना, 4.9.14 के तहत कर्मचारियों को वित्तीय लाभ देने जैसी मांगे मुख्य है।