सरकार ने दिए संकेत, नहीं मिलेगी एक्सटेंशन
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एचपी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी को सरकार एक्सटेंशन न देने का मन बना रही है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस पद पर किसी और की तैनाती की जाएगी।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सोमवार को राजभवन जाकर राज्यपाल उर्मिला सिंह से भी मिले। वह करीब 15 मिनट तक राजभवन में रुके और प्रदेश विश्वविद्यालय के लिए नए कुलपति के चयन पर बात की।
सचिवालय पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से बात की है और अभी चयन प्रक्रिया में कुछ समय लग जाएगा।
फिलहाल पद पर बने रहेंगे कुलपति
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक कुलपति की चयन प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक वर्तमान कुलपति एडीएन बाजपेयी ही पद पर बने रहेंगे। यानी, उन्हें सेवा विस्तार नहीं मिला, बल्कि कुछ महीने का और समय मिला है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि चयन प्रक्रिया में दो से तीन महीने का वक्त लगेगा, तब तक वर्तमान कुलपति ही पद पर रहेंगे।
गौरतलब है कि कुलपति एडीएन बाजपेयी का कार्यकाल 24 मई को पूरा हो रहा है। इससे पहले सरकार नए कुलपति के चयन के लिए सर्च कमेटी का गठन कर सकती है।
कुलपति पेश कर चुके हैं अपनी दावेदारी
उधर, कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी एक्सटेंशन के लिए अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। उन्होंने सोमवार को ही प्रेस वार्ता कर अपने कार्यकाल के दौरान करवाए गए कामों की जानकारी दी थी। कुलपति ने इस दौरान सेवा विस्तार की मांग से इंकार किया था लेकिन एकाएक करवाई इस प्रेस वार्ता को एक्सटेंशन से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुलपति 24 मई 2011 को एचपी यूनिवर्सिटी के कुलपति नियुक्त किए गए थे। हालांकि, उनको दोबारा एक्सटेंशन देने का छात्र संगठनों ने विरोध कर दिया है। एससीए ने हस्ताक्षर अभियान के जरिए कुलपति को दोबारा इस पद पर नियुक्त न करने की मांग की है। ऐसे में देखना रोचक होगा कि सरकार किसे कुलपति की जिम्मेदारी सौंपती है।