AIEEE खत्म, अब ऐसे होगी इंजीनियरिंग में एडमिशन
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हिमाचल सरकार ने राज्य के 20 इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन का जिम्मा राज्य तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर को सौंप दिया है। धर्मशाला में हुई कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया कि राज्य में बीटेक, बी-फार्मेसी, एम-फार्मेसी, एमबीए और एमसीए कोर्सों के लिए एआईईईई प्रवेश परीक्षा की बाध्यता को खत्म कर दिया जाए। तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने पुष्टि की है।
ये परीक्षा वित्त वर्ष 2015-16 से तकनीकी विवि लेगा। हालांकि, परीक्षा का नाम अभी तय नहीं है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि एआईसीटीई मानकों के अनुसार 35 फीसदी अंकों वाले छात्र भी प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए पात्र होंगे।
पहले ऐसे होती थी परीक्षा
इससे पहले आल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेस एग्जामिनेशन (एआईईईई) में 50 फीसदी शर्त के कारण काफी विवाद था। वर्तमान में राज्य में तीन सरकारी, 17 इंजीनियरिंग कॉलेज निजी क्षेत्र में हैं। इनमें करीब 7000 सीटें हैं।
नए फैसले से निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को बड़ी राहत मिली है। इनकी आधे से ज्यादा सीटें केवल प्रवेश परीक्षा के कारण ही खाली रह जाती थीं। इनकी शिकायत थी कि इस परीक्षा की जानकारी ग्रामीण क्षेत्र में नहीं होती।
दूसरा एआईईईई के लिए नवंबर और दिसंबर माह के बीच आवेदन भरे जाते हैं। प्रदेश में शीतकालीन सत्र वाले स्कूलों में यह माह वार्षिक परीक्षाओं का होता है। तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. आरएल शर्मा ने बताया कि विवि इस साल एमबीए, एमसीए और एमटेक शुरू कर रहा है।