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कॉमर्स और साइंस लेने के बाद भी पढ़नी होगी हिंदी, अंग्रेजी

Sun, 19 Jul 2015 01:30 PM IST
दीपक मिश्रा/ अमर उजाला, रुड़की
दीपक मिश्रा/ अमर उजाला, रुड़की Updated Sun, 19 Jul 2015 01:30 PM IST
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hindi and english compulsory for science and commers student.

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर ने इस बार स्नातक में सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया है।

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सेमेस्टर की खास बात यह रहेगी कि बीएससी और बीकॉम के छात्रों को भी अब हिन्दी या अंग्रेजी विषय पढ़ना होगा। इसे अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया गया है।

स्तानक के प्रथम सेमेस्टर में भाषा को शामिल किया गया है। बीएससी और या फिर बीकॉम सभी छात्रों के लिए भाषा का विषय लेना अनिवार्य होगा। भाषा के रूप में हिन्दी और अंग्रेजी विषय को शामिल किया गया है। इसके नंबर भी मार्कशीट में जुड़ेंगे।
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विवि ने छात्रों की भाषा पर अच्छी पकड़ बनाने के लिए भाषा को शामिल किया गया है। छात्र विकल्प के रूप में हिन्दी या फिर अंग्रेजी भाषा का चयन कर सकते हैं। भाषा का विषय केवल प्रथम सेमेस्टर में ही रहेगा।  
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पर्यावरण मुख्य विषय में शामिल
स्तानक के द्वितीय वर्ष में क्वालीफाई विषय के रूप में शामिल पर्यावरण को विवि ने द्वितीय सेमेस्टर मुख्य विषयों में शामिल कर दिया है। द्वितीय सेमेस्टर में पर्यावरण मुख्य विषयों में रहेगा। इसके अंक भी मार्कशीट में जुडेंगे।

कॉलेजों को रखने होंगे हिन्दी अंग्रेजी के प्रवक्ता

सेमेस्टर में भाषा विषय को अनिवार्य कर दिए जाने से अब कॉलेजों को हिन्दी और अंग्रेजी विषय के प्रवक्ताओं को रखना होगा। क्योंकि अभी तक बीकॉम और बीएससी में हिन्दी और अंग्रेजी विषय के प्रवक्ता नहीं होते थे।


लेकिन नई सेमेस्टर व्यवस्था में भाषा को अनिवार्य विषय बना दिए जाने से कालेजों में हिन्दी और अंग्रेजी विषय के प्रवक्ताओं की आवश्यकता पड़ेगी।

प्रथम सेमेस्टर में छात्रों के लिए विवि ने भाषा का विषय बढ़ा दिया है। छात्र अपनी स्वेच्छा से अंग्रेजी या फिर हिन्दी विषय का चयन कर सकते हैं। यह अनिवार्य विषय के रूप में लिया जाना है।
- डॉ. यशोदा मित्तल, प्राचार्या, केएलडीएवी पीजी कॉलेज रुड़की

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