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अब गुपचुप फीस बढ़ाने की तैयारी

Tue, 17 Jun 2014 09:52 AM IST
Updated Tue, 17 Jun 2014 09:52 AM IST
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Himachal Pradesh University will increase fees

रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी (आरएमसी) की बैठक में नए फीस स्ट्रक्चर और अन्य आय स्रोत बढ़ाने के मदों पर चर्चा हुई। कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी ने बैठक की अध्यक्षता की गई।

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विवि प्रशासन प्रस्ताव को मामूली फेरबदल कर गुपचुप तरीके से सीधे ईसी में ले जाने की तैयारी है। छात्र संगठनों के विरोध को देखते हुए विवि ने इससे संबंधित हर सूचना गुप्त रखी है। आरएमसी सदस्यों को भी हिदायतें दी गई हैं। बैठक में वीसी ने विवि की पूर्व एससीए की ओर से सुझाए गए आय बढ़ाने के 12 बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
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सभी सदस्यों ने विश्वविद्यालय में तर्कसंगत युक्तिकरण, बाजार मूल्य सूचकांक और आधारभूत लागत पर खर्चा जोड़कर फीस और परीक्षा शुल्क की वर्तमान दरों को बढ़ाने का सुझाव दिया।
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पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर बढ़ेगी फीस

Himachal Pradesh University will increase fees

आरएमसी सदस्यों ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ तथा पड़ोसी राज्यों के विश्वविद्यालयों की शुल्क संरचना के आधार पर फीस ढांचे में बदलाव के सुझाव भी दिए।

अंत में फैसला हुआ कि 24 जून को ईसी से पूर्व एक बार फिर आरएमसी की बैठक होगी। इसके बाद ही फीस बढ़ोतरी और अन्य आय संसाधन जुटाने के प्रस्तावों को ईसी में अनुमोदन को रखा जाएगा। बैठक में सत्र 2012-13 के अन्य विश्वविद्यालय के फीस चार्ट और तैयार मसौदे की एक एक मद पर चर्चा हुई।

वहीं छात्र संगठन फीस बढ़ोतरी को लेकर पहले ही मुखर हो गए हैं। इसके बावजूद अगर विवि प्रशासन ने फीस बढ़ोतरी का फैसला ‌लिया तो विवि सहित प्रदेश के कॉलेजों में एक बार फिर छात्र संगठन विरोध पर उतर जाएंगे।

फीस बढ़ोतरी को लेकर का हाेगा विरोध

Himachal Pradesh University will increase fees
एसएफआई की राज्य इकाई के आह्वान पर सोमवार को प्रदेश के साठ से अधिक कॉलेजों में कार्यकर्ताओं ने विवि के प्रस्तावित फीस बढ़ोतरी और कॉलेजों में बिना मूलभूत सुविधाओं के रूसा लागू करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किए।

एसएफआई राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल और सह सचिव पुनीत धांटा ने कहा कि कि फीस बढ़ोतरी और रूसा के खिलाफ यह सांकेतिक आंदोलन था। यदि फीस में एक रुपये की भी बढ़ोतरी की गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।

प्रदेश व्यापी आंदोलन खड़ा किया जाएगा। चक्का जाम और पूर्ण शिक्षा बंद भी किया जा सकता है। इस दौरान कॉलेजों में रूसा लागू होने से पेश आ रही समस्याओं जैसे समय से परीक्षा परिणाम घोषित न होना, प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा रोलनंबर लेने सहित कदम कदम पर परेशानी और उलझनों के लिए विवि प्रशासन और शिक्षा विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया।

फीस में बढ़ोतरी जरूरी : कुलपति


कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी ने माना कि बैठक में आरएमसी की ओर से शिक्षा बोर्ड और पड़ोसी राज्यों के कुछ विवि के फीस ढांचे पर तैयार नए स्ट्रक्चर पर चर्चा हुई। इसमें कुछ संशोधन करने, सुझावों के मुताबिक प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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