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एचपीयू में नहीं खुल पाए शिक्षक भर्ती के लिफाफे

Fri, 26 Feb 2016 09:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 26 Feb 2016 09:47 PM IST
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himachal pradesh university shimla

एचपीयू से संबंद्ध कॉलेजों में रूसा सीबीसीएस के तहत यूजी डिग्री की मान्यता के मामले को लेकर अब कुलपति स्वयं उच्च स्तरीय कमेटी की अगुवाई कर केंद्र सरकार व यूजीसी से बात करेंगे। मामले को सुलझाने के लिए अगले दो दिनों में कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी समिति के साथ दिल्ली रवाना होंगे।

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विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में आम सहमति से यह निर्णय लिया गया। वीसी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बनाई गई उच्च स्तरीय समिति में प्रदेश सरकार के शिक्षा सचिव एवं उच्चतर शिक्षा के निदेशक सदस्य होंगे। ईसी की इस बैठक में एचपीयू के 67 शिक्षकों की भर्ती के लिफाफे खोले जाने पर चरचा जरूर हुई, मगर आम सहमति नहीं बन पाई।
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इस कारण ईसी ने फैसला लिया कि इसके लिए प्रति कुलपति की अध्यक्षता में बनाई गई उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही खोला जाएगा। ईसी ने गैर शिक्षक कर्मचारियों के विरोध के बावजूद सेवानिवृत्त हुए वित्त अधिकारी की पुन: नियुक्ति करने का फैसला ले लिया है।
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नए वित्त अधिकारी की राज्य सरकार की ओर से आदेश जारी होने तक वित्त अधिकारी दिवाकर कमल पद पर बने रहेंगे। रूसा मामले को लेकर 11 मार्च को ईसी की आपात बैठक होगी। बैठक में जून माह में रूसा सीबीसीएस के तहत पहले बैच की डिग्री पूरी होने की समय सीमा को देखते हुए समय से अंतिम सेमेस्टर की पढ़ाई और सेमेस्टर परीक्षा करवाकर परिणाम घोषित करने पर भी चरचा हुई।

बैठक में प्रति कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान, विधायक बंबर ठाकुर, उपाध्यक्ष राज्य पर्यटन निगम हरीश जनारथा, हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम उपाध्यक्ष चंद्रशेखर, उपाध्यक्ष, सीओई व कार्यवाहक कुलसचिव आचार्य श्याम लाल कौशल, निदेशक उच्च शिक्षा दिनकर बुराथोकी, प्रो. हिम चटर्जी, प्रो. एमएस चौहान, प्रो. सतीष भडवाल, डा. अनुराग शर्मा भी उपस्थित थे।


आज घोषित होने थे 67 शिक्षकों के साक्षात्कार नतीजे-
बैठक में नेट की शर्त पूरी करने वाले 67 पदों के लिए 2012 और 2014 में चलाई गई साक्षात्कार की प्रक्रिया के नतीजे घोषित किए जाने थे। लेकिन आम सहमति नहीं बन पाई। अब मामला फिर से अनिश्चितकाल के लिए लटक गया है।

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