फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal pradesh university shimla.

विवि की लापरवाही हजारों छात्रों पर भारी

Fri, 10 Oct 2014 09:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 10 Oct 2014 09:10 AM IST
विज्ञापन
himachal pradesh university shimla.

प्रदेश विवि की लापरवाही एक बार फिर हजारों छात्रों पर भारी पड़ रही है। प्रदेश में रूसा यूजी कोर्स में फार्म भर रहे प्रथम और तृतीय सत्र खासे परेशान हो रहे हैं। तीस सितंबर को फार्म भरकर चालान जेनरेट करने के बावजूद एसबीआई की ब्रांच में छात्रों का ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं आया है।

विज्ञापन


इससे वे फीस जमा नहीं करवा पा रहे हैं, जबकि फार्म भरने को एक दिन ही शेष है। वीरवार को भी एसबीआई की मुख्य ब्रांच सहित बालुगंज और शहर की सभी ब्रांचों में छात्रों की लंबी कतारें लगी रहीं। छात्रों का आरोप है कि ऑनलाइन ब्योरा कंप्यूटर पर न डाले जाने के कारण उन्हें चार दिन से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
विज्ञापन


फीस जमा करवाने की अंतिम तारीख दस अक्तूबर तक है। जिन छात्रों का ऑनलाइन ब्योरा नहीं मिल रहा है, उनकी फीस जमा नहीं हो रही है। उधर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा कालीबाड़ी के सहायक महाप्रबंधक पीके लट्ठ ने कहा कि जिन छात्रों का विवि से रिकार्ड ऑनलाइन आया है, उनकी फीस जमा हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने माना कि छुट्टियों के कारण छात्रों का ऑनलाइन ब्योरा बैंक को नहीं जा सका। इसे वीरवार को उपलब्ध करवा दिया गया है। विवि फिलहाल डीआईटी का सर्वर शेयर कर रहा है। छात्रों की समस्या हल की जा रही है।

फीस जमा करवाने में पेश आ रही परेशानी
स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में फीस जमा करवाने पहुंचे विकास ठाकुर, नितिन, हिमांशु, कृष्ण सिंह सहित अन्य छात्रों का कहना है कि तीस सितंबर को चालान जेनरेट करने के बावजूद फीस जमा नहीं हो रही है। कइयों का ऑनलाइन रिकॉर्ड नहीं मिल रहा।

प्रथम सत्र की कविता, अनिका कहती हैं कि बालुगंज, समरहिल में भीड़ होने के कारण कालीबाड़ी मुख्य शाखा में आई है। विरेंद्र और सुशील का कहना है कि तीन अक्तूबर को चालान जेनरेट कर दिया गया था। घंटों कतार में लगने के बाद फीस जमा हुई है। नरेश ठाकुर और अनिल शर्मा भी तीन दिन से बैंक के चक्कर काट रहे हैं।


एक ही बैंक से होता रहा है करार
रूसा लागू करने के बाद से विवि फीस जमा करवाने को सिर्फ एक बैंक से ही करार करता आ रहा है। इससे फार्म जमा करवाने के अंतिम दिनों में बैंक शाखाओं में भीड़ से समस्या खड़ी होती है। विश्वविद्यालय को चाहिए कि अन्य राष्ट्रीकृत बैंकों में फीस जमा करवाने की भी व्यवस्था की जाए। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एसएल कौशल ने कहा कि अन्य बैंकों में भी सुविधा देने की प्रक्रिया जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed