फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal pradesh university plans Biometric attendance system for all employees

एचपीयू बदलेगा अटेंडेंस सिस्टम, देर से आए तो..

Mon, 30 Jun 2014 08:50 AM IST
Updated Mon, 30 Jun 2014 08:50 AM IST
विज्ञापन
Himachal pradesh university plans Biometric attendance system for all employees

एचपीयू में शिक्षकों, कर्मचारियों और अफसरों की अटेंडेंस अब बॉयोमीट्रिक मशीन से लगेगी, यानी अब समय से ऑफिस पहुंचना होगा। करीब पंद्रह लाख के इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।

विज्ञापन


इसके लिए डीएस की अध्यक्षता में यूनिवर्सिटी वीसी ने अलग से कमेटी गठित की है। कमेटी राजधानी के सचिवालय सहित अन्य कार्यालयों में लगाई मशीनों के खर्च से लेकर इससे कर्मियों की कार्यालय में उपस्थिति को लेकर आए सुधार सहित हर तरह के तथ्य की जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन

यहां है मशीनें लगाने का प्रस्ताव

Himachal pradesh university plans Biometric attendance system for all employees

बायोमीट्रिक मशीनों के परिसर में लगाए जाने को लेकर स्थान भी चिन्हित हो रहे हैं। कमेटी रिपोर्ट कुलपति को जल्द सौंपेगी। आगामी दो सप्ताह में इस रिपोर्ट पर मंथन कर इसके लिए बजट प्रावधान होगा। बायोमीट्रिक मशीनें लगाने से विवि में विभागों में देरी से आने और दोपहर होते ही गायब होने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों पर नजर रखी जा सकेगी।

कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी सहित विवि प्रशासन को कर्मियों के सीट से गायब रहने की मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। प्रशासनिक भवन परिसर में दो, इक्डोल, कुलपति कार्यालय, आर्ट्स ब्लॉक, साइंस ब्लॉक, यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (एमबीए विभाग) चीफ वार्डन और डीएस कार्यालय के साथ ही छात्रावासों में भी मशीनें लगाई जानी हैं। गठित कमेटी अब यह देखेगी, कम से कम मशीनें लगाकर, अधिक से अधिक विभागों को क वर किया जाए।

प्रोजेक्ट पर आएगा 15 लाख तक का खर्च

Himachal pradesh university plans Biometric attendance system for all employees

बायोमीट्रिक मशीनें लगाने के इस प्रोजेक्ट में औसतन 15 लाख तक का खर्च आएगा। इसमें एक मशीन पर 15 हजार तक खर्च होंगे। इन मशीनों में यूनिवर्सिटी के करीब 1500 कर्मियों के कार्यालय आने- जाने के समय का रिकॉर्ड रखा जाएगा।

जल्द लगाई जाएंगी मशीनें : डा. झारटा
यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डा. मोहन झारटा ने कहा कि कमेटी इसकी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। मामला ईसी की मंजूरी को भेजा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed