एचपीयू बदलेगा अटेंडेंस सिस्टम, देर से आए तो..
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एचपीयू में शिक्षकों, कर्मचारियों और अफसरों की अटेंडेंस अब बॉयोमीट्रिक मशीन से लगेगी, यानी अब समय से ऑफिस पहुंचना होगा। करीब पंद्रह लाख के इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है।
इसके लिए डीएस की अध्यक्षता में यूनिवर्सिटी वीसी ने अलग से कमेटी गठित की है। कमेटी राजधानी के सचिवालय सहित अन्य कार्यालयों में लगाई मशीनों के खर्च से लेकर इससे कर्मियों की कार्यालय में उपस्थिति को लेकर आए सुधार सहित हर तरह के तथ्य की जानकारी जुटा रही है।
यहां है मशीनें लगाने का प्रस्ताव
बायोमीट्रिक मशीनों के परिसर में लगाए जाने को लेकर स्थान भी चिन्हित हो रहे हैं। कमेटी रिपोर्ट कुलपति को जल्द सौंपेगी। आगामी दो सप्ताह में इस रिपोर्ट पर मंथन कर इसके लिए बजट प्रावधान होगा। बायोमीट्रिक मशीनें लगाने से विवि में विभागों में देरी से आने और दोपहर होते ही गायब होने वाले कर्मचारियों और शिक्षकों पर नजर रखी जा सकेगी।
कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी सहित विवि प्रशासन को कर्मियों के सीट से गायब रहने की मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया जा रहा है। प्रशासनिक भवन परिसर में दो, इक्डोल, कुलपति कार्यालय, आर्ट्स ब्लॉक, साइंस ब्लॉक, यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (एमबीए विभाग) चीफ वार्डन और डीएस कार्यालय के साथ ही छात्रावासों में भी मशीनें लगाई जानी हैं। गठित कमेटी अब यह देखेगी, कम से कम मशीनें लगाकर, अधिक से अधिक विभागों को क वर किया जाए।
प्रोजेक्ट पर आएगा 15 लाख तक का खर्च
बायोमीट्रिक मशीनें लगाने के इस प्रोजेक्ट में औसतन 15 लाख तक का खर्च आएगा। इसमें एक मशीन पर 15 हजार तक खर्च होंगे। इन मशीनों में यूनिवर्सिटी के करीब 1500 कर्मियों के कार्यालय आने- जाने के समय का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
जल्द लगाई जाएंगी मशीनें : डा. झारटा
यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डा. मोहन झारटा ने कहा कि कमेटी इसकी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। मामला ईसी की मंजूरी को भेजा जाएगा।