हाईटेक डिग्री बताएगी छात्र की पूरी कुंडली
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उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) में बीटेक, एमबीए समेत अन्य कोर्सेज के अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स को दीक्षांत समारोह में हाईटेक डिग्री दी जाएगी।
जनवरी 2015 के दूसरे हफ्ते में आयोजित होने वाले इस दीक्षांत समारोह में मिलने वाली इस डिग्री में स्टूडेंट्स के चारों साल की मार्क्सशीट व व्यक्तिगत सूचना बार कोर्ड के जरिए छिपी रहेगी।
इसके स्कैन करते ही स्टूडेंट के बारे में सारी जानकारी सामने होगी। यही नहीं हर बार 70 रुपये में डिग्री की छपाई होती थी लेकिन अब गुजरात की एक एजेंसी इसे मात्र 28 रुपये में ही छापेगी।
कुलपति प्रो. आरके खांडल के प्रयास से डिग्री का दाम 42 रुपये घट गया है, यानि आधा दाम और पूरा काम होगा।
यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल ने बताया कि 70 रुपये में अब तक छप रही महंगी डिग्री को आधे से भी कम रकम में यानि 28 रुपये में छापने के लिए एक एजेंसी तैयार हो गई।
इससे यूनिवर्सिटी को हर साल लाखों रुपये का फायदा होगा। करीब एक से डेढ़ लाख के बीच हर साल डिग्रियां छपवाई जाती हैं।
वेरिफिकेशन के लिए नहीं होना होगा परेशान
जिस एजेंसी से अभी तक डिग्री छपवाई जा रही थी वह रकम कम करने को तैयार नहीं थी। ऐसे में एक कमेटी का गठन कर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने डिग्री बनाने के लिए अन्य एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए।
गुजरात की एक एजेंसी को काम दिया गया है जो मात्र 28 रुपये में हाईटेक डिग्री तैयार कर देगी। ऐसे में यूनिवर्सिटी को सालाना सीधे 50 लाख रुपये का फायदा होगा।
स्टूडेंट्स को दीक्षांत समारोह में जो डिग्रियां दी जाएंगी, उनमें दो बार कोड मौजूद होंगे। इसमें एक बार कोड में छात्र की चारों वर्ष की मार्क्सशीट के साथ उसने कितने कैरीओवर परीक्षाएं दी है इसकी डिटेल होगी।
जबकि दूसरे बार कोड में उसका फोटो और व्यक्तिगत जानकारियां मौजूद होंगी। ऐसे में अब स्टूडेंट को नौकरी मिलने पर वेरिफिकेशन के लिए भी चक्कर नहीं काटने होंगे।
डिग्री को स्कैन करते ही छात्र की पूरी डिटेल सामने होगी। ऐसे में अब गड़बड़ी की संभावना भी कम होगी।