PMET: हजारों स्टूडेंट्स को बड़ी राहत, दाखिले को तैयार रहें
पंजाब मेडिकल एंट्रेस टेस्ट क्लीयर कर चुके स्टूडेंट्स को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। अब दाखिले के लिए तैयार रहें।हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी की याचिका खारिज कर दी है और 30 सितंबर तक दाखिले करने का फरमान सुनाया है।
17 मई को आयोजित प्री मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट (पीएमईटी) में अनियमितताओं का हवाला देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका को हाईकोर्ट की एकल बेंच ने भी खारिज कर दिया था।
एकल बैंच के फैसले के खिलाफ डिवीजन बेंच में दायर अपील पर सोमवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस एसएस सारों व जस्टिस शेखर धवन की बेंच ने कहा कि माना जा सकता है कि इस परीक्षा में कुछ गड़बड़ी हुई है।
लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार 30 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। इसलिए याचिका खारिज की जाती है और प्रवेश प्रकिया को 30 सितंबर तक पूरा किया जाए।
हाईकोर्ट की एकल बेंच ने सुनाया था ये फैसला
इससे पहले हाईकोर्ट की एकल बेंच में जस्टिस आरके जैन ने गत एक सितंबर को दिए अपने फैसले में कहा था कि महज आरोपों के आधार पर इतने बड़े स्तर पर आयोजित परीक्षा को दोबारा नहीं करवाया जा सकता। जस्टिस जैन ने इस मामले में फैसला देते हुए साफ कर दिया था कि परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र में जो प्रश्न गलत मिले हैं, उनको रद्द कर नए सिरे से परीक्षा की मेरिट तैयार कर दाखिले शुरू कर दिए जाएं।
यह है मामला
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी फरीदकोट की ओर से पीएमईटी के लिए 17 मई को आयोजित की गई परीक्षा को रद्द करने की मांग करते हुए याचिकाकर्ता रितिका व 32 उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि यह परीक्षा नियमों को अनदेखा करते हुए सही तरीके से आयोजित नहीं की गई।
याचिका में मांग की गई कि इस परीक्षा से जुड़ी पूरी प्रकिया व आयोजित करने वाली एजेंसी का पूरा रिकार्ड समन किया जाए। याचिकाकर्ता ने इस परीक्षा की किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवाकर नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की मांग की थी।