Tech News: यूनिवर्सिटी और डिग्री कॉलेजों में हाईस्पीड ब्राडबैंड
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प्रदेश की 14 यूनिवर्सिटी व 139 राजकीय डिग्री कॉलेजों में हाईस्पीड ब्राडबैंड की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
अभी तक नेशनल नॉलेज नेटवर्क (एनकेएन) के तहत हाईस्पीड ब्राडबैंड सेवा कुछ चुनिंदा शोध एवं शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध करवाई जा रही है।
इससे इंटरनेट पर ई-जर्नल पढ़ना और एजुकेशन से जुड़ी वेबसाइट खोलना आसान होता है। अभी यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी सबसे बड़ी प्रॉब्लम है।
ऐसे में लाइब्रेरी में ई-जर्नल पढ़ने और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा उपलब्ध वेबसाइट पर निशुल्क सर्च करने की सुविधा नहीं मिल पाती है।
सूचना एवं प्रौद्योगिकी के इस दौर में इंटरनेट की कनेक्टिविटी न मिल पाना बहुत बड़ी प्रॉब्लम है।
उच्च शिक्षा विभाग ने एनआईसी के डायरेक्टर जनरल को पत्र लिखकर नेशनल नॉलेज नेटवर्क (एनकेएन) कनेक्टिविटी के तहत इंटरनेट की बेहतर सुविधा दिए जाने की मांग की है।
डायरेक्टर जनरल से किया अनुरोध
प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा कल्पना अवस्थी ने एनआईसी, भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल को पत्र लिखकर अनुरोध किया है।
उन्होंने अनुरोध किया है कि एनकेएन कनेक्टिविटी के तहत ही यूपी के सभी 14 यूनिवर्सिटी व 139 राजकीय डिग्री कॉलेजों में यह सुविधा उपलब्ध करवाएं।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने ही सभी विभागों व कार्यालयों में कम्प्यूटर लगवाए हैं लेकिन यहां पर करीब छह महीने पहले जब राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की टीम दौरा करने आई थी तब भी बीएसएनएल का ब्राडबैंड दगा दे रहा था।
किसी तरह अधिकारियों व टेक्निकल एक्सपर्ट्स ने मोर्चा संभाला था। आम दिनों में तो इंटरनेट की कनेक्टिविटी न मिलने की समस्या एलयू में बनी ही रहती है।
यही हाल राज्य में दूसरी यूनिवर्सिटी व कॉलेजों का भी है। ऐसे में अब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा की गई इस पहल से यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों को काफी फायदा होगा।
राजधानी में लखनऊ विश्वविद्यालय, उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय, डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय व राजकीय डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स लाभान्वित होंगे।
इसके अलावा प्रदेश के बाकी सभी विश्वविद्यालय व राजकीय डिग्री कॉलेजों को भी लाभ होगा।