नया अड़ंगा: टीचर्स के लिए नया सरकारी फरमान
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टीचर्स के लिए हरियाणा सरकार ने नया फरमान जारी किया है। अगर इसे नहीं माना गया तो सैलरी कटने लगेगा। हरियाणा के स्कूलों में कार्यरत टीचरों के लिए अब प्रतिदिन विद्यार्थियों के बारे में डायरी मेनटेन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस आदेश की अवहेलना करने वाले शिक्षकों का वेतन काटा जाएगा। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव टीसी गुप्ता इस संबंध में 8 जनवरी को आदेश जारी किए हैं।
यह आदेश लागू करवाने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल और हेड प्रभारी की जिम्मेवारी तय की गई है। हरियाणा में पहली कक्षा से बारहवीं कक्षा तक सभी शिक्षकों को डायरी उपलब्ध कराई गई हैं।
कोताही बरतने पर होगी कार्रवाई
प्रधान सचिव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रिंसिपल और हेड प्रभारी प्रतिदिन या साप्ताहिक आधार पर जरूरी डायरी चेक करेंगे। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि डायरी मेनटेन नहीं करने वाले शिक्षकों का मासिक वेतन जारी न हो सके।
शिक्षा विभाग के अनुसार, अगर निरीक्षण के दौरान यह पाया जाता है कि डायरी मेनटेन नहीं होने के बावजूद टीचर को वेतन जारी हो गया है तो प्रिंसीपल और हेड टीचर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि पिछले कार्यकाल के दौरान जब भी निरीक्षण किया गया तो यह बात सामने आई कि टीचर डायरी मेनटेन नहीं करते।
सरकार की ओर से इस उपक्रम पर काफी समय और धन भी व्यय किया जाता रहा है और इस उपक्रम की सभी ने हमेशा प्रशंसा भी की है। लेकिन अध्यापकों द्वारा इसकी अनदेखी कर डेयरी मेनटेन नहीं करने की आदत को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह लिखना होता है डायरी में
शिक्षा विभाग के अनुसार, डायरी किसी भी टीचर के हाथ में बेहतरीन प्लानिंग टूल की भांति है। अगर टीचर प्रतिदिन डायरी मेनटेन करता है तो अपने सभी विद्यार्थियों के आचरण, सहपाठियों के साथ उसके व्यवहार की भी पूरी जानकारी रहेगी।
इस तरह टीचर के लिए यह आसान हो जाता है कि वह पढ़ाई, व्यवहार या अन्य गतिविधियों में कमजोर विद्यार्थी को दक्ष बनाने के लिए सही योजना या कार्यक्रम तैयार कर सके। इसके साथ ही, टीचर को डायरी में प्रतिदिन- क्या पढ़ाया गया, कितने पीरियड लिए गए और क्या होमवर्क दिया गया, इसकी जानकारी दर्ज कर अगले दिन का प्लान बनाने में भी मदद मिलती है।
एक लाख अध्यापक कार्यरत हैं प्रदेश में
हरियाणा में इस समय सरकारी स्कूलों में लगभग एक लाख अध्यापक कार्यरत हैं, जबकि इसके अलावा 15 हजार गेस्ट टीचर भी है। प्रदेश में छात्र-अध्यापक का अनुपात करीब 36:1 का है।
इस समय 27 लाख बच्चे सरकारी और 14 लाख बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। हरियाणा सरकार का शिक्षा पर 8 हजार करोड़ रुपये का बजट रहता है लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं।
तत्काल नए आदेश जारी कर दिए गए हैं। जो टीचर डायरी मेनटेन नहीं करेंगे, उनका वेतन जारी नहीं किया जाएगा। जनवरी माह का वेतन भी नए आदेश के अनुसार ही टीचरों को मिलेगा।
टीसी गुप्ता, प्रधान सचिव, शिक्षा विभाग, हरियाणा