4000 गेस्ट टीचर हटाए, बाकी 13 हजार टीचर्स को गुडन्यूज
हरियाणा में सरप्लस गेस्ट टीचर नौकरी से बाहर कर दिए गए हैं। अन्य गेस्ट टीचर फिलहाल नियमित भर्ती तक बने रहेंगे। प्रदेश सरकार ने सोमवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भर्ती का शेड्यूल सौंपा। जस्टिस अमित रावल की एकल बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।
पिछली सुनवाई पर एडवोकेट जनरल ने खुद पेश होकर बताया था कि 28 गेस्ट टीचरों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया, उनकी बर्खास्तगी का आदेश एक जून को जारी कर दिया जाएगा। नोटिस पर 3585 गेस्ट टीचरों का जवाब आया है। इस पर विचार के लिए समय चाहिए और सारी प्रक्रिया 29 जून तक मुकम्मल कर ली जाएगी।
4073 में से अन्य के बारे में बताया गया कि या तो वह नौकरी छोड़ गए हैं या फिर कुछेक की मौत हो चुकी है। सोमवार को बताया कि सरप्लस गेस्ट टीचरों को हटा दिया गया है। सरकार ने शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
1919 टीजीटी और 6874 पीजीटी शिक्षक भर्ती किए जाएंगे
हाईकोर्ट को बताया गया कि राज्य में 1919 टीजीटी और 6874 पीजीटी शिक्षक भर्ती किए जाने हैं। मेवात क्षेत्र का अलग कैडर बनाया गया है। यहां आठ हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जानी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 24 सितंबर है और जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
सरकार ने यह भी बताया कि बाकी गेस्ट टीचरों की जांच की जा रही है। इनमें से कुछ की शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं थी और कुछेक की भर्ती में अनियमितताएं सामने आई हैं। राज्य में इस वक्त लगभग 13 हजार गेस्ट टीचर हैं और जैसे-जैसे नए शिक्षक भर्ती होंगे, यह गेस्ट टीचर्स हटा दिए जाएंगे।
उधर, नौकरी से निकाले गए सरप्लस गेस्ट टीचरों में से कुछेक ने उन्हें निकालने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कहा था कि वह सरप्लस नहीं हैं। हालांकि, हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर साफ कहा था कि सरकार 4073 गेस्ट टीचरों को पिछले तीन साल से हाईकोर्ट में शपथ पत्र के माध्यम से सरप्लस बता रही है, अब तक इसका विरोध क्यों नहीं किया गया। सुनवाई सोमवार के लिए स्थगित कर रखी थी और आज मुख्य मामले के साथ ही इन याचिकाओं पर भी फैसला सुरक्षित रख लिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था हटाने का फैसला
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने गेस्ट टीचरों के मामले में फैसला दिया था कि इन्हें हटाया जाना चाहिए। इसके बावजूद यह नौकरी में बने रहे और हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद इन्हें हटाया नहीं गया।
याचिकाओं पर सरकार ने शिक्षकों की कमी का हवाला देते हुए नियमित भर्ती तक गेस्ट टीचरों को बनाए रखने की छूट हाईकोर्ट से प्राप्त की थी। अब सरप्लस गेस्ट टीचर हटा दिए गए हैं और नियमित भर्ती के बाद अन्य गेस्ट टीचर भी नौकरी में नहीं रह पाएंगे।