फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   haryana govt will close 350 govt schools

हरियाणा में बंद होंगे 350 स्कूल, वजह चौंकाने वाली

Sat, 07 Nov 2015 01:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 07 Nov 2015 01:15 PM IST
विज्ञापन
haryana govt will close 350 govt schools

हरियाणा में 350 स्कूल बंद होने जा रहे हैं। सरकार तैयारी में जुट गई है। ऐसा होने की वजह भी बेहद चौंकाने वाली है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों की मैपिंग करवाई जा रही है और जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या नहीं के बराबर है, ऐसे 350 स्कूलों को जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्तर पर ही गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है और इस कड़ी में पांचवीं और आठवीं कक्षा में बोर्ड की परीक्षाएं शुरू करने की सिफारिश की गई है।

विज्ञापन


विद्यार्थियों की मासिक परीक्षा आरंभ कर दी गई है, जिसके कारण बच्चों में पढ़ाई के प्रति लगन बढ़ी है। मुख्यमंत्री खट्टर शुक्रवार को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से तैयार की जा रही नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षाविदों से सुझाव आमंत्रित करने के लिए बुलाई गई राज्यस्तरीय सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि अच्छे शिक्षक तैयार करने के लिए हरियाणा में अलग से शिक्षण विश्वविद्यालय और युवाओं को उनके हुनर के अनुरूप रोजगारपरक बनाने के लिए कौशल विकास विश्वविद्यालय खोलने की योजना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मात्र साधन न बने, वह साध्य बने। इसके लिए विद्यार्थियों में लक्ष्य, प्रतिभा व कौशल का समावेश होना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसीलिए सभी शिक्षण संस्थानों को चाहे वह तकनीकी, व्यावसायिक या शैक्षणिक हों, को युवाओं के कौशल विकास की पहचान करनी होगी और उसकी मांग के अनुसार पाठ्यक्रम बनाने और चलाने होंगे। उन्होंने कहा कि सबको अच्छी शिक्षा का अवसर उपलब्ध होना चाहिए।

एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली कक्षा में दाखिले के समय विद्यार्थी का आधार लिंक का कार्य आरंभ किया गया है। इससे बच्चे का दो स्कूलों में दाखिला नहीं हो सकेगा। इस प्रणाली को लागू करने के बाद लगभग 350 स्कूलों को चिन्हित किया गया है, जहां पर विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम है और तथ्यों की पूरी जांच करने उपरांत ऐसे स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा।

नई शिक्षा नीति का लक्ष्य ‘शिक्षा करे साकार ज्ञान योग्यता और रोजगार’ रखा गया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए स्कूली और उच्चतर शिक्षा पर फीडबैक केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को भेजने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य होगा।


कार्यशाला को शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, अशोका विवि के कुलपति डॉ. प्रथम सिन्हा, प्रो. सी राजकुमार, दीनानाथ बतरा ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन, निदेशक विकास यादव के अलावा राज्य के सभी प्राइवेट व सरकारी विश्वविद्यालयों के कुलपति, शिक्षाविद और शोधार्थी उपस्थित थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed