टीचर्स की नौकरी पर छाया बर्खास्तगी का संकट
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नियमों की अनदेखी कर हुई नियुक्ति के मामले में शिक्षा विभाग ने 325 गेस्ट टीचरों को बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस कार्रवाई से प्रदेश में अलग अलग जगह पर नियुक्त गेस्ट टीचरों में हड़कंप मच गया है।
सेकंडरी एजुकेशन के निदेशक ने यह निर्देश जारी किए हैं, जिसमे पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों का भी हवाला दिया गया है। इससे पहले शिक्षा विभाग 193 टीचरों को बर्खास्त कर चुकी है।
ऐसे में अब तक कुल 518 टीचरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को मंगलवार इन आदेशों की प्रति मिल गई है।
मालूम हो कि इस समय प्रदेश में कुल 15 हजार गेस्ट टीचर हैं जो कि नियमित करने की मांग पिछले लंबे समय से कर रहे हैं। जिन 325 टीचरों को निकालने वालों में अधिकतर जिला पलवल, मेवात और फरीदाबाद में तैनात हैं।
साल 2005 में हुई थी भर्ती
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा शास्त्री का कहना है कि निकालने वाले गेस्ट टीचरों में अधिकतर वे हैं जिनकी नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज शिक्षा विभाग से गुम हो चुके हैं, जबकि ऐसे में शिक्षा विभाग पर कार्रवाई होनी चाहिए न कि गेस्ट टीचरों पर।
उनका कहना है कि बर्खास्त किए गए दस्तावेज अपनी नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज कई बार विभाग में जमा करवा चुके हैं। साल 2005 में गेस्ट टीचरों की भरती हुई थी। उन्होंने बताया कि वह सरकार को अपना पक्ष रखेंगे अगर आंदोलन की जरूरत पड़ेगी तो भी पीछे नहीं हटेंगे।
हरियाणा अतिथि अनुबधित अध्यापक संघ के अध्यक्ष अरुण मलिक का कहना है कि शिक्षा विभाग ने गलत तरीके से 325 गेस्ट टीचरों को बर्खास्त किया है।
उनका कहना है कि जब सरकार के मंत्री पिछली सरकार में विपक्ष में थे तो वायदे करते थे कि सता में आने के बाद गेस्ट टीचर्स को स्थायी कर दिया जाएगा लेकिन इस ओर सरकार ध्यान भी नहीं दे रही है।