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बगैर मान्यता के उत्तराखंड के आधे सरकारी पॉलीटेक्निक

Sun, 06 Dec 2015 01:36 PM IST
डॉ. योगेश योगी/ अमर उजाला, देहरादून
डॉ. योगेश योगी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 06 Dec 2015 01:36 PM IST
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half government Polytechnic running Without recognition

एक तरफ रोजगार बढ़ाने के लिए तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है, तो दूसरी ओर तकनीकी शिक्षा का हाल ऐसा है कि उत्तराखंड के करीब आधे सरकारी पॉलीटेक्निक अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की मान्यता के बगैर चल रहे हैं।

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अब फरवरी 2016 में एआईसीटीई की ओर से प्रदेश के पॉलीटेक्निकों का निरीक्षण होना है। निरीक्षण में जिन पॉलीटेक्निकों में मानक अधूरे मिलेंगे उन पर बंदी की तलवार लटक सकती है। ऐसे में बिना मान्यता के चल रहे पॉलीटेक्निकों में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य खतरे पड़ सकता है।
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प्रदेश में राजकीय पॉलीटेक्निकों की संख्या 78 है। इनमें से 70 संचालित हो रहे हैं। इन 70 पॉलीटेक्निकों में से 36 के पास ही एआईसीटीई की मान्यता है, जबकि 34 बगैर मान्यता संचालित किए जा रहे हैं। इनमें से अधिकतर सत्र 2014-15 और 2015-16 में शुरू किए गए तो कुछ 2013-14 से चल रहे हैं।
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बता दें कि एआईसीटीई की मान्यता के बिना पॉलीटेक्निकका डिप्लोमा वैध नहीं माना जाता है। नियमानुसार पहले एआईसीटीई की मान्यता ली जानी चाहिए और उसके बाद कक्षाएं चलाई जानी चाहिए लेकिन तकनीकी शिक्षा विभाग ने 34 पॉलीटेक्निक बिना मान्यता लिए ही चला दिए।

अब गले में फांस फंसी तो मान्यता के लिए जद्दोजहद की जा रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि एआईसीटीई की ओर से मान्यता देते समय पांच एकड़ जमीन की मांग की जाती है। अधिकतर पॉलीटेक्निकों में जमीन का ही पेच फंसा था। अधिकारियों के अनुसार, कुछेक पॉलीटेक्निकों को छोड़कर जमीन का मसला हल हो गया है। एआईसीटीई के निरीक्षण से पहले सभी मानक पूरे कर लिए जाएंगे।

मंत्री ने भी जताई नाराजगी
शनिवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक में तकनीकी शिक्षा मंत्री यशपाल आर्य ने भी इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सभी कार्य जनवरी 2016 तक पूरे कर लिए जाएं। अगर एआईसीटीई के निरीक्षण में कोई खामी पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

CM के विधानसभा क्षेत्र में पॉलिटेक्निक को जमीन नहीं
सीएम हरीश रावत के विधानसभा क्षेत्र धारचूला के बांसबगड़ में राजकीय पॉलिटेक्निक के लिए एक साल से उपयुक्त जमीन नहीं मिल पा रही है। यहां पिछले साल से किराये के भवन में पॉलिटेक्निक चल रहा है। शनिवार को तकनीकी शिक्षा मंत्री यशपाल आर्य ने इस बाबत धारचूला के पूर्व विधायक हरीश धामी से फोन पर बात की।

मंत्री ने पूर्व विधायक से पॉलिटेक्निक के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराने में सहयोग मांगा। अफसरों ने मंत्री को बताया कि बांसबगड़ में पांच एकड़ जमीन मिल गई थी, पर वह नदी किनारे थी और निर्माण एजेंसी ने वहां पर भवन बनाने से मना कर दिया है।

दनियां में पॉलीटेक्निक का निर्माण चार माह से रुका
तकनीकी शिक्षा मंत्री यशपाल आर्य ने शनिवार को विधानसभा स्थित कार्यालय में अधिकारियों की बैठक ली। जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत दनियां में पॉलीटेक्निक का निर्माण कार्य चार माह से रुका हुआ है। मंत्री ने निर्माण कंपनी बदलने के निर्देश दिए। केंद्रीयकृत योजना के आठ महिला छात्रावासों का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है।

मंत्री ने इन्हें 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी सामने आया कि  उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के कई परियोजना प्रबंधक अपने सहायक अभियंताओं पर निर्भर रहे और पॉलीटेक्निक के निर्माण स्थलों तक नहीं गए।


मंत्री ने इस पर नाराजगी जताते हुए परियोजना प्रबंधकों को स्वयं निरीक्षण करने के लिए कहा। बैठक में तकनीकी शिक्षा के अपर निदेशक आरपी गुप्ता, उप निदेशक सुरेश कुमार, निर्माण निगम के महाप्रबंधक एसके शर्मा आदि उपस्थित थे।

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