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अब ये भी बोले, गुजरात मॉडल है दमदार

Sat, 10 May 2014 07:48 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 10 May 2014 07:48 PM IST
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gujrat model in education

सिर्फ विकास ही नहीं, देश और प्रदेश में उच्च शिक्षा सुधार के लिए गुजरात मॉडल आदर्श साबित हो सकता है। वहां सरकार अपने विश्वविद्यालयों के प्रति गंभीर है।

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आईएएस अफसरों को सख्त निर्देश हैं कि वे विश्वविद्यालयों को कोई परेशानी न आने दें। सभी विवि का इंडस्ट्रीज के साथ टाईअप है, जिसके जरिए छात्र पढ़ाई पूरी कर सीधे रोजगार से जुड़ जाते हैं।
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स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी (एसआरएचयू) में शुक्रवार को वीसी मीट में पहुंचे एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी के सेक्रेटरी प्रो. डीएस चौहान ने यह जानकारी दी।
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चौहान ने कहा कि अगर गुजरात मॉडल के तहत सभी प्रदेशों में विवि की कार्यप्रणाली बन जाए तो निश्चित तौर पर रोजगार के मौके बढ़ जाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता भी सुधरेगी।

विवि मिलकर करेंगे काम

gujrat model in education

शुक्रवार को जॉलीग्रांट स्थित संस्थान परिसर में आयोजित मीट में एसआरएचयू कुलपति डा. विजय धस्माना ने कहा कि यूनिवर्सिटी ने एक मंच प्रदान किया है, जिसमें सभी विवि मिलकर काम करेंगे तो निश्चित तौर पर उच्च शिक्षा में सुधार होगा।

उच्च शिक्षा सचिव मनीषा पंवार ने कहा कि सभी विवि एक दूसरे के संसाधनों का प्रयोग कर बेहतर दिशा में काम कर सकते हैं। अपर सचिव राधिका झा ने कहा कि मीट की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी, ताकि उच्च शिक्षा में बेहतर सुधार हो सके।

इस मौके पर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रदेश के सरकारी, डीम्ड और प्राइवेट यूनिवर्सिटी के सभी वीसी ने शिरकत की।

सरकारी हस्तक्षेप का मामला भी उठा

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सरकारी विश्वविद्यालयों में सरकारी हस्तक्षेप का मुद्दा भी उठा। यूटीयू के पूर्व कुलपति प्रो. डीएस चौहान ने कहा कि सरकार को कुलपति के खिलाफ न होकर सपोर्ट में रहना चाहिए। यूटीयू कुलपति रहने के वक्त सरकारी हस्तक्षेप से तमाम बाधाएं आईं। 250 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए महज 50 करोड़ मिलना इसकी नजीर है।

इन पर काम से सुधरेगी उच्च शिक्षा
- उत्तराखंड के सभी विवि का फोरम बने
- सेंटर फॉर एक्सीलेंस बनाया जाए।
- ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम साझा किए जाएं।
- ज्वाइंट फेसिलिटी शेयर करें।
- कुलपतियों की क्वार्टर मीट हो।
- सभी विवि में कॉर्डिनेटर नियुक्ति।
- उच्च तकनीक (वीडियो कांफ्रेंस, स्काइप, फेसबुक) से जुड़े रहेंगे। जरूरत के अनुसार एक दूसरे का सहयोग करेंगे।
- संवैधानिक ड्राफ्ट बनाएंगे, जिसे शासन और प्रशासन को सौंपा जाए।

मीट में पहुंचे इन संस्थानों के मुखिया

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वीसी मीट में आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. गौतम सिन्हा, एनएनबी गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. एमएसएम रावत, गुरुकुल कांगड़ी विवि के कुलपति प्रो. सुरेंद्र कुमार, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के चांसलर जितेंद्र जोशी, ग्राफिक एरा विवि के कुलपति प्रो. वीके तिवारी, उत्तराखंड मुक्त विवि से प्रो. गिर‌िजा पांडे, एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो. राज कुमार, दून विवि कुलपति प्रो. वीके जैन, डीआईटी यूनिवर्सिटी प्रो चांसलर प्रो. कृष्ण कुमार पहुंचे।

इसके अत‌िर‌िक्त उत्तराखंड संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. महावीर अग्रवाल, उत्तरांचल विवि कुलपति प्रो. एससी जोशी, एचएनबी मेडिकल एजूकेशन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एमसी पंत, श्रीदेव सुमन विवि कुलपति प्रो. यूएस रावत, उत्तराखंड आयुर्वेद विवि के कुलपति प्रो. एसपी मिश्रा, ग्राफिक एरा विवि के चांसलर प्रो. आरसी जोशी, आईएमएस यूनिसन विवि के कुलपति प्रो. एमपी जैन, हिमगिरी जी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. एससी बागड़ी के अलावा प्रो. एसपी सिंह और प्रो. एएन पुरोहित मौजूद रहे।

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