कानपुर यूनिवर्सिटी में पीएचडी रजिस्ट्रेशन जल्द
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सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के संशोधित पीएचडी आर्डिनेंस को राज्यपाल राम नाईक ने मंजूरी दे दी है। अब एडमिशन की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं।
छह साल बाद फरवरी 2015 से पीएचडी की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी। सबसे पहले उन रिसर्च स्कॉलर को मौका मिलेगा, जो कॉमन इंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) 2012 को पास करके आए हैं।
यूनिवर्सिटी प्रशासन की पहल पर 6000 से ज्यादा आवेदन फार्म भी जमा हैं। सीईटी की मेरिट से रजिस्ट्रेशन होंगे। पीएचडी आर्डिनेंस के अनुमोदन की पुष्टि कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने कर दी है।
आर्डिनेंस में संशोधन की वजह से ही पीएचडी का रजिस्ट्रेशन 2009 से बंद है। इससे रिसर्च वर्क प्रभावित है। पिछले छह साल से पीएचडी की 3000 सीटें नहीं भरी जा सकी हैं।
सीईटी से भरी जा सकती हैं सीटें
इसका संज्ञान लेकर ही कुलपति ने पीएचडी आर्डिनेंस 2014 को संशोधित कराकर मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा। कुलपति ने कहा कि यदि प्रदेश स्तर का कॉमन इंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) हुआ तो पीएचडी की सभी सीटें उससे भरी जाएंगी।
सीईटी नहीं हुआ तो यूनिवर्सिटी अपना इंट्रेंस टेस्ट कराएगी और सीटें भर लेगी। इस आर्डिनेंस को राज्यपाल ने 5 जनवरी 2015 को मंजूरी दे दी।
अब 42 सब्जेक्ट की 500 से ज्यादा पीएचडी की सीटें भरी जा सकेंगी। कुलपति ने बताया कि पीएचडी की एडमिशन प्रक्रिया फरवरी से शुरू होगी। इसका प्रभारी जल्द ही नामित कर दिया जाएगा।
इस बार की सीटें सीईटी क्वालीफाई करने वालों से भरी जाएंगी। 2015-16 से सीईटी होगी या फिर यूनिवर्सिटी अपना इंट्रेंस टेस्ट कराके सीटें भरेगी।
इन्हें नहीं देना होगा एंट्रेंस टेस्ट
• आर्मी, एयरफोर्स, नेवी में 15 साल की सेवा पूरी करने वाले जवानों को एंट्रेंस टेस्ट से बाहर रखा गया है। वे चाहें तो सीधे एडमिशन लेकर डिफेंस स्टडीज में रिसर्च कर सकते हैं।
• नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) पास करके जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) हासिल करने वाले, काउंसिल फॉर साइंटिफिक इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) क्वालीफाई करने वाले भी सीधे एडमिशन ले सकेंगे।
• प्रोबेशन पूरा करने वाले रेग्युलर टीचर भी एंट्रेंस टेस्ट से बाहर रखे गए।
• 75 फीसदी या उससे ज्यादा स्कोर के साथ ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) पास करने वाले भी सीधे एडमिशन के हकदार होंगे।