अब लखनऊ यूनिवर्सिटी में डायनासोर भी दिखाई देंगे!
लखनऊ विवि के भू-विज्ञान विभाग में देश का पहला ओपन एयर म्यूजियम कम जुरासिक पार्क तैयार होगा। इसमें बड़े-बड़े डायनासोर देखने के अलावा, समुद्र के रहस्य, जीवन की उत्पत्ति, हीरा व अन्य कीमती पत्थर बनने की प्रक्रिया सहित कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी।
इसके लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने अनुमति दे दी है। भू-विज्ञान विभाग के अध्यक्ष व रिसर्च काउंसिल के चेयरमैन प्रो. विभूति राय ने बताया कि यह म्यूजियम विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए तो खुला ही रहेगा, हर शनिवार यहां बाहरी लोगों के लिए विजिट रखी जाएगी।
उन्होंने बताया कि ऐसा म्यूजियम देश के किसी अन्य विश्वविद्यालय में नहीं है। ओपन म्यूजियम में दो विशाल फेब्रिकेटेड डायनासोर के मॉडल रखे जाएंगे, जो असल जैसे लगें।
इस म्यूजियम में आने वालों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी, जैसे पृथ्वी अंदर से कैसी दिखती है, समुद्र के नीचे का धरातल, जीव का उद्भव और विकास कैसे हुआ आदि।
विभाग के शिक्षक खुद यहां आने वालों को इन चीजों की जानकारी देंगे। म्यूजियम भू-विज्ञान और बायोकेमेस्ट्री विभाग के बीच लगभग 2500 वर्गमीटर के क्षेत्र में बनेगा।
स्टूडेंट्स को होगा लाभ
जियोलॉजी विभाग का म्यूजियम भी अपने आप में काफी खास है। यहां तीन आयामी मॉडल्स, धरती कैसे घूमती है, नदियों और झरनों का उद्गम कैसे होता है, विभिन्न जगहों का स्ट्रक्चर कैसा है, इसका बेहतरीन संग्रह है।
जियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंशुमालि शर्मा ने बताया कि म्यूजियम में बहुत पुराने पत्थर और खनिज का भी संग्रह है। यह दोनों ही म्यूजियम छात्र-छात्राओं के लिए लाभप्रद होंगे।
यदि कोई हाईस्कूल या इंटर का स्टूडेंट इन विषयों में से किसी में उच्च शिक्षा लेना चाहता है लेकिन संशय की स्थिति में हो तो वह इन म्यूजियम को देखकर दोनों विषयों के बारे में करीब से जानकारी ले सकता है।
दूसरा शोधार्थियों के लिए भी यह म्यूजियम काफी फायदेमंद होंगे। एंथ्रोपोलॉजी के म्यूजियम में तो पहले भी शोधार्थियों का आना रहा है लेकिन जब ये सभी के लिए खुल जाएगा तो उनकी विजिट और बढ़ेगी।