अब वोकेशल कोर्स के साथ कर सकेंगे ग्रेजुएशन
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बीए अब महज व्हाईट कॉलर बेरोजगार पैदा करने वाली डिग्री ही नहीं रह जायेगी। अब वोकेशनल कोर्सेज के साथ भी ग्रेजुएशन की जा सकेगी। यह प्रयास सेशन 2014-15 से यूजीसी ने शुरु कर दिया है।
जिसके तहत पंजाब के 12 कॉलेजों में इसे इसी सैशन में शुरु कर दिया गया है। पंजाबी यूनिवर्सिटी के अधीन चार कॉलेजों में बैचलर ऑफ वोकेशनल (बीवॉक) शुरु करने की इजाजत यूजीसी ने दी है। जिसमें से तीन कॉलेज एसजीपीसी के अधीन आते हैं।
कॉलेजों से मांगे गए थे आवेदन
पिछले दिनों यूजीसी की तरफ से पंजाब की सभी यूनिवर्सिटीज से वोकेशनल कोर्सेज शुरु करने के चाहवान कॉलेजों से आवेदन मांगे गये थे। जिसे यूनिवर्सिटीज ने आगे यूजीसी के पास भेजा था।
पंजाबी यूनिवर्सिटी के अधीन आने वाले ऐसे चार कॉलेजों को मंजूरी दे दी गई है जिन्होंने यह आवेदन किया था। इस सबंध में पंजाबी यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. जसपाल सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का प्रयास है कि अपने अधीन आने वाले कॉलेजों को यूजीसी की विभिन्न स्कीमों के बारे में बताया जाये।
इसके तहत ही वोकेशनल कोर्सेज के आवेदन मानव संसाधन मंत्रालय के जरिये यूजीसी को भेजे गये थे। पंजाब के कुछ कॉलेजों में इस सैशन में शुरु किये गये हैं। जिन्हें अगले साल ज्यादा कॉलेजों तक पहुंचाया जायेगा।
देश भर में 92 कॉलेज कराएंगे ये कोर्स
एसजीपीसी के डायरेक्टर एजूकेशन धरमिंदर सिंह ऊबा से इस बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि देश भर में करीब 92 कॉलेजों में ग्रेजुएशन स्तर पर विभिन्न वोकेशनल कोर्सेज शुरु करने की मंजूरी यूजीसी ने दी है।
हालांकि आवेदन की खामियों की वजह से करीब 232 आवेदन रद्द भी हुये हैं। पंजाबी यूनिवर्सिटी के अधीन आने वाले चार कॉलेजों में एसजीपीसी के माता गुजरी कॉलेज फतेहगढ़ साहिब, गुरु नानक कॉलेज बुढलाड़ा एवं खालसा कॉलेज पटियाला को वोकेशन कोर्सेज शुरु करने की मंजूरी मिली है।
वहीं पीयू के अधीन आने वाले एक अन्य कॉलेज बाबा जुझार सिंह कॉलेज को भी वोकेशनल कोर्स शुरु करने की मंजूरी मिली है।
यूजीसी ने कोर्स के लिए ग्रांट भी दी है
खालसा कॉलेज पटियाला में नये कोर्स के रुप में बैचुलर ऑफ वोकेशन इन सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट एवं बेचलर ऑफ वोकेशन इन फूड प्रोसेसिंग एंड इंजीनियरिंग शुरु करने की मंजूरी मिली है।
जिसके तहत यूजीसी ने कॉलेज को 1 करोड़ 85 लाख रुपये की ग्रांट भी जारी की है। तीन वर्षीय डिग्री हासिल करने वाले स्टूडेंट्स को सर्टिफिकेट के लिये तीन साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
यूं पूरा होगा वोकेशनल कोर्स
पहला साल पूरा करने पर उन्हें डिप्लोमा सर्टिफिकेट, दो साल पूरे करने पर उन्हें एडवांस डिप्लोमा सर्टिफिकेट एवं तीन साल पूरे करने पर सबंधित विषय में बैचलर ऑफ वोकेशन की डिग्री प्राप्त होगी।
डॉ. ऊबा के मुताबिक यह कोर्स अंतर्राष्ट्रीय तरीकों के मुताबिक साल दर साल लैवल 5, लैवल 6 लैवल 7 के मुताबिक क्रैडिट देते हुये पढ़ाये जायेंगे। जिसकी योज्यता बारहवीं 50 फीसदी अंकों सहित पास होना जरुरी है।