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एलयूः डेढ़ लाख स्टूडेंट्स की परीक्षा खतरे में

Mon, 16 Mar 2015 03:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Mon, 16 Mar 2015 03:32 PM IST
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Graduation exam of lu in danger

एलयू में सोमवार से कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी। इसके कारण स्नातक में विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब डेढ़ लाख स्टूडेंट्स की परीक्षाओं पर संकट के बादल छा गए हैं।

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23 मार्च से स्नातक की परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं और इधर रविवार को कर्मचारियों की कुलपति से हुई वार्ता विफल साबित हुई। सोमवार से परीक्षा तैयारियों सहित दूसरे सभी जरूरी कार्यों को ठप किया गया।
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डिग्री बनवाने, मार्क्सशीट में त्रुटि ठीक करवाने, माइग्रेशन और चरित्र प्रमाणपत्र आदि बनना बंद हो जाएंगे, क्योंकि कर्मचारी सभी कार्यालयों में सुबह ही ताला डाल देंगे।
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लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि रविवार को उनकी कुलपति प्रो. एसबी निमसे से वार्ता विफल साबित हुई।

कुलपति के सामने कर्मचारियों की ओर से मांग रखी गई कि अनानुमोदित कर्मचारियों के मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाए तो इस पर कुलपति ने कहा कि वह 20 मार्च को होने वाली वित्त समिति की बैठक में निर्णय लेंगे।

मांगे पूरी नहीं हुई तो नहीं होने देंगे परीक्षाएं

Graduation exam of lu in danger

अगर वित्त समिति कहती है कि इन्हें नौकरी दी जाए तो वह दे देंगे वरना नहीं। इसी तरह दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को वेतनमान देने, रिक्त पदों पर वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को समायोजित करने व मेडी क्लेम की सुविधा देने संबंधी सभी मांगों पर उनका रवैया सकारात्मक नहीं था।

ऐसे में विवि प्रशासन से वार्ता पूरी तरह विफल हो गई है। अब आगे कर्मचारी कोई भी काम तब तक नहीं करेंगे जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं। अगर कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्नातक की परीक्षाएं नहीं होती तो वह न हों।

आखिर कर्मचारियों से कुलपति की गत नवंबर में कई बिन्दुओं पर वार्ता हुई थी। इसमें उन्होंने मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था। मगर अब वह पूरी तरह अपने वादे से मुकर रहे हैं। ऐसे में अब विवि में हम कोई काम नहीं होने देंगे।

एलयू के प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय कहते हैं कि हम कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे। जो कुछ नियमों के दायरे में होगा उसे ही पूरा किया जाएगा। स्नातक की परीक्षा पर छाए संकट को टालने के लिए भी हम पूरी तरह कोशिश करेंगे।

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