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बोर्ड एग्जाम: ग्रेडिंग को हल्के में लिया तो बरबाद हो जाएगा साल

Fri, 05 Feb 2016 08:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 05 Feb 2016 08:37 PM IST
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grading system in high school.

सीबीएसई के 10वीं के होम एग्जाम को हल्के में लेने की गलती भारी पड़ सकती है। अगर छात्र ने ग्रेडिंग के तहत परीक्षा में 25 प्रतिशत अंक हासिल न किए तो उसका साल भी बरबाद हो सकता है। एक साल पहले सीबीएसई ने यह बदलाव किया था। इससे पहले तक 10वीं में ग्रेडिंग के कारण देशभर में छात्रों में पढ़ाई के प्रति लापरवाही सामने आई थी।

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दो साल पहले नौवीं में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) ने यह फार्मूला लागू किया। इसके बाद एक साल पहले 10वीं में भी कर दिया गया। जो छात्र सीबीएसई के होम पैटर्न पर 10वीं की परीक्षा देंगे, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर ही होगा। लेकिन, छात्रों को यह भूल कतई नहीं करनी चाहिए कि वह ऐसे ही पास हो जाएंगे।
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उसे समेटिव असेसमेंट-1 और समेटिव असेसमेंट-2 में पास होने के लिए अलग-अलग 25 प्रतिशत अंक लाने अनिवार्य होंगे। अगर छात्र इतने अंक नहीं ला पाता तो वह फेल माना जाएगा।

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पहले यह होती थी व्यवस्था

grading system in high school.

ग्रेडिंग के तहत नौंवी और दसवीं में अगर किसी बच्चे की परफार्मेंस डाउन चली जाती है तो उसे ई-1 व ई-2 ग्रेड दिया जाएगा। इसके बाद उसे तब तक परीक्षा में बैठने का मौका दिया जाता रहेगा जब तक कि वह पास न हो जाए।

अब यह है व्यवस्था
छात्र को 25 प्रतिशत से कम अंक होने पर समेटिव असेसमेंट-1 में अक्तूबर से पहले और समेटिव असेसमेंट-2 में रिजल्ट आने से एक माह पहले तक परीक्षा पास करनी होगी। केवल एक मौका मिलेगा और यदि पास नहीं होता तो दोबारा उसी कक्षा में पढ़ना पड़ेगा।

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