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अब गढ़वाल विवि के छात्रों को मिलेगा ग्रेड
ब्यूरो / अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Thu, 26 Feb 2015 05:01 PM IST
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सभी विश्वविद्यालयों में नए शिक्षा सत्र से च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू किया जाना है।
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इसके तहत स्नातक स्तर पर भी सेमेस्टर सिस्टम लागू करने के साथ ही छात्रों को परीक्षा में प्रतिशत के आधार पर श्रेणी के बजाय ग्रेड मिलने हैं। सीबीसीएस लागू करना विवि प्रशासन के समक्ष कड़ी चुनौती है।
गढ़वाल विवि के वरिष्ठ प्रोफेसर ओपी सती ने बताया कि इस सिस्टम के तहत अब छात्रों की अंकतालिका में कहीं भी अंकों का जिक्र नहीं होगा। स्नातक स्तर के विषयों को क्रेडिट में बांटा गया है। विषयों में प्राप्तांकों के प्रतिशत को ग्रेड प्वांइट में बदला जाएगा। इन ग्रेड प्वांइट के योग के आधार पर छात्र को लेटरल ग्रेड दिया जाएगा।
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ऐसे मिलेगा ग्रेड
यदि कोई छात्र किसी विषय में 95 से 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करता है तो उसे 9 से 10 के बीच ग्रेड दिया जाएगा। यदि किसी छात्र को पूरे सेमेस्टर के हर विषय में 9 से 10 ग्रेड प्राप्त होते हैं तो उसे लेटरल ग्रेड ओ (आउट स्टेंडिंग ग्रेड) और इसके अलावा छात्र को प्राप्त ग्रेड के आधार पर लेटरल ग्रेड ए प्लस (एक्सलेंट), ए लेटरल ग्रेड (वेरी गुड) दिया जाएगा।
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क्या है सीबीसीएस सिस्टम
च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम अंतरराष्ट्रीय प्रणाली है। अब तक यह सिस्टम यूरोपीय और अन्य विकसित देशों में अपनाया जाता रहा है।
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विज्ञान वर्ग का छात्र च्वाइस के आधार पर अपने विषयों के साथ कला वर्ग या वाणिज्य वर्ग का विषय भी पढ़ सकता है। छात्र क्रेडिट के रूप में अन्य विषय को पढ़ सकता है। इसी आधार पर इसे च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम भी कहा जाता है।