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ग्रेडिंग को निष्पक्ष बनाने के लिए CBSE ने उठाया कदम
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 14 Oct 2014 11:23 AM IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देशभर के स्कूलों से नवीं और दसवीं के ग्रेडिंग प्रमाण तलब किए हैं। अब तक यह प्रक्रिया कुछ ही स्कूलों पर लागू थी, वह भी औचक कार्रवाई के तौर पर।
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वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे सभी प्रमाण
अब सभी स्कूलों को अपने प्रमाण ऑनलाइन बोर्ड की वेबसाइट पर भेजने होंगे। सीबीएसई की अकादमिक निदेशक डा. साधना पाराशर की ओर से जारी सूचना के मुताबिक नवीं और दसवीं के फार्मेटिव असेसमेंट 1 और फार्मेटिव असेसमेंट 2 के सभी प्रमाण स्कूलों को बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे।
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इसके लिए बोर्ड ने 15 अक्तूर की तिथि तय की है। हर शहर में एक कोआर्डिनेटर भी बनाया है जो पूरी प्रक्रिया को लागू करवाएंगे। बोर्ड ने ताजा सर्कुलर में एविडेंस भेजने के तरीके भी बताए हैं। बताया गया है कि किस तरह टॉप थ्री या शीर्ष पांच छात्रों के अलावा बीच के छात्रों में से किसी के भी हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के अंक भेजने होंगे।
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बता दें कि बोर्ड ने वर्ष 2009 में नवीं में ग्रेडिंग पैटर्न लागू किया था। तब से इसमें सुधार के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच यह भी शिकायत मिली थी कि कई स्कूलों में ग्रेडिंग के आंकड़ों में हेरफेर की जा रही है। यही वजह है कि बोर्ड अब नई व्यवस्था को सख्ती से लागू कर रहा है।