पढ़ें, नए राज्यपाल ने क्यों रोकी विवि शिक्षकों की भर्ती
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शपथ ग्रहण समारोह के दो दिन बाद ही राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने एक अहम फैसला लेते हुए प्रदेश विश्वविद्यालय में वर्ष 2015 में हुई 11 शिक्षकों की भर्ती के परिणाम पर रोक लगा दी है। भर्ती प्रक्रिया की पात्रता पर सवाल उठने के बाद लिए गए इस फैसले से विवि की ओर से विज्ञापित कुल 200 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर भी ब्रेक लग गई है।
अब राजभवन के आगामी आदेशों के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी। शुक्रवार को ईसी की बैठक शुरू होने से पहले राजभवन ने विवि प्रबंधन को आदेश दिए कि शिक्षक भर्ती का परिणाम घोषित न किया जाए। साथ ही राजभवन ने वर्ष 2012 में 37 पदों के लिए और 2015 में सहायक आचार्य के 11 पदों के लिए रखी गई पात्रता शर्तों और अपनाई गई भर्ती प्रक्रिया का ब्योरा तलब किया है।
भाजपा ने उठाया था मामला
बता दें कि राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ही पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने भर्ती प्रक्रिया की पात्रता पर सवाल उठाते हुए रोक लगाने की मांग उठाई थी। उधर, विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि शुक्रवार को राजभवन से मिले कुलाधिपति के आदेशों के अनुरूप शिक्षक भर्ती के परिणाम पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
राज्यपाल ने शिक्षक भर्ती से संबंधित पूरा ब्योरा तलब किया है, जिसे जल्द पेश किया जाएगा। उनके आदेशों पर ही भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इस बारे में राजभवन से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन प्रशासनिक सूत्रों ने अभी किसी टिप्पणी से इंकार किया है।