1134 सरकारी शिक्षकों के पद, 60 हजार आवेदन
सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए होने वाली लिखित परीक्षा में फर्जीवाड़ा रोकना प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती होगी। कई ‘मुन्नाभाई’ फर्जीवाड़ा करने के लिए तैयार हैं, जिससे अफसरों की नींद उड़ी है।
शिक्षा विभाग ने 2009 में शिक्षक भर्ती घोटाले से सबक लेते हुए इस बार इंटरव्यू प्रक्रिया खत्म कर दी है। इस बार शिक्षकों का चयन सिर्फ लिखित परीक्षा की मेरिट के आधार पर होगा। रजिस्ट्रेशन लिस्ट में कई कैंडीडेट का पूरा डाटा एक समान है। ऐसे में प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए फर्जीवाड़ा रोकना गंभीर चुनौती है।
कई डमी कैंडीडेट ने किया आवेदन
एनटीटी, जेबीटी और टीजीटी के 1134 पदों के लिए शिक्षा विभाग ने लिखित परीक्षा रखी है और 60 हजार से अधिक कैंडीडेट ने आवेदन किया है। सीडैक द्वारा आवेदन और फीस जमा होने के बाद जारी की गई लिस्ट को देखकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कई विषयों के लिए परीक्षा में बैठने वाले कैंडीडेट का रजिस्ट्रेशन, सीरियल नंबर, कैंडीडेट का नाम, पिता का नाम और यहां तक कि कैंडीडेट्स की जन्म तिथि भी एक जैसी है। यह सब डमी कैंडीडेट को परीक्षा में आगे पीछे बैठाकर पेपर हल करने के लिए किया जा रहा है।
लिस्ट में कंन्फ्यूजन
जेबीटी के लिए आवेदन करने वालोें की लिस्ट में रजिस्ट्रेशन नंबर 40302943 और 44 में कैंडीडेट का नाम, पिता का नाम समान है। 41307573 और 74 में कैंडीडेट का नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि एक जैसी है। रजिस्ट्रेेशन नंबर 41311313 और 14 में कैंडीडेट का नाम, पिता का नाम और जन्म तिथि एक समान है।
करीब 16 हजार आवेदकों में ऐसे करीब 50 मामले हैं। वहीं, टीजीटी के लिए आवेदन करने वालों की लिस्ट में भी धांधली होने की आशंका है। रजिस्ट्रेशन नंबर 40303349, 50 और 51 में सभी कैंडीडेट का नाम, पिता के नाम में थोड़ा बदलाव और दो कैंडीडेट्स की जन्म तिथि एक समान है। रजिस्ट्रेशन नंबर 40304483 और 84 में कैंडीडेट का नाम व अन्य जानकारी भी एक जैसी है। इस लिस्ट में कई कैंडीडेट का पूरा डाटा मिलता-जुलता है।
एंट्री के साथ ही वीडियो रिकार्डिंग
लिखित परीक्षा के लिए प्रशासन तैयारी में जुट गया है। परीक्षा केंद्रों पर एंट्री के समय प्रत्येक कैंडीडेट की वीडियो रिकार्डिंग और पेपर देते हुए फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। मोबाइल से नकल रोकने के लिए जैमर लगाने का प्रस्ताव भी है। कैंडीडेट को परीक्षा हॉल में पेन, पेंसिल और एडमिट कार्ड के अलावा कोई अन्य सामान ले जाने की इजाजत नहीं होगी।
कोट्स
शिक्षक भर्ती में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होगी। पुलिस और सीबीआई की निगरानी में परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा की जिम्मेदारी एक स्वतंत्र एजेंसी को दी गई है। परीक्षा में गड़बड़ी होने की हर शिकायत को विभाग गंभीरता से ले रहा है।
- कमलेश कुमार भादू, डीपीआई (स्कूल), चंडीगढ़