{"_id":"694e6476a1dad9f055404767a6389569","slug":"government-gave-job-without-budget","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल में बच्चे घटे तो चली जाएगी नौकरी","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
स्कूल में बच्चे घटे तो चली जाएगी नौकरी
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 04 Oct 2013 09:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्व शिक्षा अभियान के तहत आउट सोर्सिंग से नियुक्त हुए शिक्षकों का भविष्य अंधकार में पड़ सकता है। इन शिक्षकों को तनख्वाह देने के लिए अभी तक बजट स्वीकृत नहीं हुआ है। इतना ही नहीं अगर स्कूल में बच्चे कम हुए तो इनकी नौकरी जा सकती है।
विज्ञापन
जल्दबाजी में उठाया गया कदम
आउट सोर्सिंग के तहत 1401 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए भले ही सरकार अपनी पीठ थपथपाते नहीं थक रही, लेकिन सच्चाई यह है कि यह जल्दबाजी में उठाया गया कदम है। जो उज्जवल भविष्य का सपना देख रहे युवाओं के लिए बेहद दुखदायी साबित हो सकता है। इन शिक्षकों की सेवा शर्तें ऐसी हैं कि कब किसी की नौकरी चली जाए पता नहीं।
विज्ञापन
पढ़ें, पालीटेक्निक प्रवक्ता भर्ती परीक्षा स्थगित
विज्ञापन
किसी भी योजना पर बजट स्वीकृत होने के बाद काम शुरू किया जाता है, लेकिन इस मामले में काम उल्टा चल रहा है। दावा तो यह है कि इसमें देरी नहीं होगी, लेकिन देरी या बजट में कटौती हुई तो फिर क्या होगा, इसका जवाब सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों के पास नहीं है। वैसे इन शिक्षकों की नियुक्ति सत्र 2013-14 की शुरुआत में ही होनी थी।
सेवा शर्तें भी बेहद अजीब
तब बजट में भारी कटौती होने के कारण यह योजना पूरी नहीं हो पाई थी। यही नहीं सेवा शर्तें भी बेहद अजीब हैं। इन शिक्षकों की नियुक्ति उन स्कूलों में होगी जहां 100 से अधिक छात्र हैं। किसी भी वजह से छात्रों की संख्या 99 पहुंचते ही उस स्कूल के ठेका शिक्षक की नौकरी चली जाएगी। मतलब साफ है कि इन शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा स्कूलों में रोजाना बच्चों की गिनती भी करनी पड़ेगी।
ऐसे होगा बजट स्वीकृत
शिक्षकों की नियुक्ति के बाद संबंधित जनपद को सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय को बजट का प्रस्ताव भेजना होगा, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र से बजट स्वीकृत होने पर नियुक्त शिक्षकों को मानदेय दिया जाएगा।
पढ़ें, देहरादून को मिला ट्रिपल आईटी का तोहफा
शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आठ जिलों में एजेंसी का चयन हो चुका है, जबकि अल्मोड़ा, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में प्रक्रिया जारी है। जानकारों का कहना है कि बजट स्वीकृत होने में देरी होगी इससे शिक्षकों को मानदेय के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
(कला शिक्षा के 318, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा के 317 और कार्य शिक्षा के 766 शिक्षकों की होगी नियुक्ति।)
केंद्र के प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड में इसका बजट नामंजूर हो गया था। लेकिन शिक्षा का अधिकार के तहत राज्य की जरूरतों को बताने पर केंद्र ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अब नियुक्तियां करने के बाद प्रस्ताव भेजने पर जितनी जरूरत है, उतना बजट केंद्र से मिलेगा।
- राधिका झा, राज्य परियोजना निदेशक
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...