नए साल में सीबीएसई के छात्रों को यूजीसी का तोहफा
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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने सीबीएसई के छात्रों को नए साल का तोहफा दिया है। यूजीसी ने एक नए कोर्स को मान्यता दी है। इसके साथ ही अब सीबीएसई स्कूलों में स्टूडेंट्स कंप्यूटर बेस कोर्स कर सकेंगे। जिसका फायदा यह होगा कि इस कोर्स में मिलने वालों अंकों को यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में एडमिशन के समय जोड़ा जाएगा।
इसी वर्ष सितंबर माह में सीबीएसई ने कंप्यूटर बेस कोर्स शुरू किया था। दसवीं के बाद इस कोर्स के माध्यम से छात्र कंप्यूटर साइंस, इन्फार्मेशन और मल्टीमीडिया एंड वेब टेक्नोलॉजी में से कोई भी एक सब्जेक्ट ले सकते हैं। इसमें 70 नंबर की थ्योरी और 30 नंबर का प्रेक्टिकल रखा गया है।
कोर्स को अन्य सब्जेक्ट की तरह मिलेगी अहमियत
इस कोर्स को शुरू करने के पीछे सीबीएसई का मानना था कि 10वीं के बाद छात्र कंप्यूटर कोर्स को लेकर अधिक ध्यान नहीं देते, लेकिन इस कोर्स के लागू होने के बाद छात्र अपनी पसंद के अनुसार तीनों में से कोई भी एक सब्जेक्ट ले सकता है।
कंप्यूटर बेस कोर्स की गंभीरता के लिए सीबीएसई ने कुछ दिन पहले यूजीसी को भी पत्र भेजा था, जिसमें मांग की थी कि इस कोर्स के अंकों को मेन सब्जेक्ट के तौर पर यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में होने वाले एडमिशन के समय जोड़ा जाए। लंबे समय तक मंथन के बाद यूजीसी ने अब हरी झंडी दे दी है।
यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को पत्र जारी किया है कि सीबीएसई स्कूलों में शुरू हुए इस कोर्स को अन्य सब्जेक्ट के तौर पर अहमियत दी जाए। यूजीसी के इस फैसले के बाद न केवल छात्रों में कंप्यूटर के प्रति और अधिक रुझान बढे़गा, बल्कि आने वाले समय में स्किल बेस युवा भी तैयार हो सकेंगे।
सीबीएसई की तरफ से लागू किया गया यह कोर्स हर बच्चे को लेना चाहिए। अब यूजीसी से मान्यता मिलने के बाद छात्रों को इसका काफी फायदा होगा।
- पी.के. पठपटिया, डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कलानौर