आईआईएम में एडमिशन चाहने वाली लड़कियों के लिए खुशखबरी
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अपने यहां छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए उनको प्रवेश में मिलने वाले वेटेज को बढ़ा सकता है। साथ ही कोचिंग शुरू करने पर विचार किया जाएगा जहां लिखित परीक्षा पास करने वाली छात्राओं को इंटरव्यू के लिए तैयार किया जाए।
मालूम हो कि अभी छात्राओं को दो पॉइंट का वेटेज दिया जाता है। इस बाबत संस्थान के नए निदेशक प्रो. अजीत प्रसाद ने मंगलवार को अपनी भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आईआईएम लखनऊ में इस समय केवल 23 फीसदी छात्राएं हैं जिन्हें 50 फीसदी करने का लक्ष्य है जिसे वेटेज बढ़ाकर किया जा सकता है।
प्रो. अजीत ने बताया कि उनकी दो मुख्य प्राथमिकताएं रहेंगी। पहली संस्थान को विश्व स्तर का बनाना, दूसरा संस्थान की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना।
रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को देंगे बढ़ावा
प्रो. अजीत ने बताया कि संस्थान शिक्षा के मामले में बेहतर कर रहा है लेकिन अब यहां शोध को भी बढ़ावा दिया जाएगा। शोध भी ऐसे होंगे जो सीधे समाज से जुड़ें और उसे लाभ मिले। ध्यान रखा जाएगा कि शोध क्षेत्रीय स्तर के साथ राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्टेक होल्डर्स को भी लाभान्वित करें।
कहा कि 19 में से केवल आईआईएम लखनऊ ही पब्लिक पॉलिसी बनाने में भी भागीदारी निभाता रहा है, इसे और बढ़ावा दिया जाएगा। पॉलिसी बनाते समय ध्यान रखा जाएगा कि वह केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि राज्य स्तर के महत्व का भी हो।
उन्होंने मेक इन इंडिया योजना का जिक्र करते हुए कहा कि स्टूडेंट्स को एंटरप्रेन्योरशिप में जाने को प्रेरित किया जाएगा। इसमें मैन्यूफैक्चरिंग और ई-कॉमर्स क्षेत्र पर अधिक ध्यान होगा। इसके लिए इंडस्ट्री लिंकेज को बढ़ावा देंगे। संस्थान क्षेत्रीय उद्यमियों को भी आगे बढ़ाने में सहयोग देगा।
इंटरव्यू की तैयारी के लिए कोचिंग शुरू करने पर विचार
स्टूडेंट्स और फैकल्टी को विश्व स्तरीय एक्सपोजर देने के लिए स्कॉलर-इन-रेजिडेंस व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत एक-एक टर्म के लिए विदेश की किसी फैकल्टी को आईआईएम में बुलाया जाएगा। साथ ही संस्थान के 50 फीसदी स्टूडेंट्स व शिक्षकों को एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत विदेश भेजा जाएगा।