'फिल्मों में कंटेंट नहीं, ग्लैमर बिकता है'

आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 20 Jan 2014 11:52 AM IST
glamar sold in movie
हमारे यहां फिल्मों में कंटेंट नहीं, एक्टर्स का ग्लैमर बेचा जाता है।

मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा कॉकस है, जो डायरेक्टर से उसके फिल्म की स्टोरी नहीं, बल्कि सीधे यह पूछता है कि कौन-कौन से बड़े एक्टर्स आपकी फिल्म में हैं।

ऐसे में दर्शकों पर फिल्में थोपी जाती हैं। यह कहना ‘आई एम कलाम’ फिल्म के डायरेक्टर नील माधब पंडा का है।

वे रविवार को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) लखनऊ के सालाना बिजनेस कॉन्क्लेव ‘मैनफेस्ट-2014’ में आयोजित कार्यक्रम कॉर्पोरेट लंचिऑन ‘अंजुमन’ में भावी प्रबंधकों व टीचर्स से रूबरू थे।  
 
उन्होंने पूरी बेबाकी से कहा कि चेन्नई एक्सप्रेस जैसी फिल्मों में आपको कंटेंट कहां मिलेगा लेकिन फिर भी वह हिट हो जाती है।

नील माधब पंडा ने बताया कि इस साल वे जो फिल्में प्रदर्शित करेंगे, उसमें एक जल समस्या पर आधारित व दूसरी रोमांटिक फिल्म बबलू हैप्पी होगी।

उन्होंने कहा कि हमें दर्शकों पर फिल्म थोपनी नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक करना है। वे जो चाहते हैं, उन्हें वही दिखाया जाना चाहिए। रीजनल सिनेमा अच्छे से प्रमोट करना होगा।

आई एम कलाम फिल्म देश में हमारे जैसे सैकड़ों गरीबों पर आधारित फिल्म थी, इसलिए वह पंसद की गई। डॉक्युमेंट्री फिल्म व रीजनल फिल्म के लिए जो वाइड स्पेस है, इसे बढ़ाना होगा।

उन्होंने कहा कि डॉक्युमेंट्री फिल्म के लिए अधिक दर्शक इसलिए नहीं मिलते क्योंकि उसके लिए बॉलीवुड अलर्ट ही नहीं है।

‘आप डॉक्युमेंट्री फिल्म में क्यों आए’, आईआईएम स्टूडेंट के इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस गांव में वे रहते थे, वहां सिर्फ एक के घर में टीवी था, रोज शाम वहां नाटक देखने पूरा गांव इकट्ठा हो जाता था।

ऐसे में इन दर्शकों के लिए कुछ अच्छा परोस सकने के लिए उन्होंने डॉक्युमेंट्री फिल्में चुनीं। उन्होंने कहा कि लेकिन उन्होंने मुंबई न जाकर दिल्ली में फिल्में बनाने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि अभी डॉक्युमेंट्री फिल्मों के प्रति अवेयरनेस कम है लेकिन आने वाले समय में इसका मार्केट अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि इंडियन फिल्म इंडस्ट्री विदेशी मार्केट पर आश्रित नहीं है।

आज अगर राजनीति में बदलाव आ रहा है तो सिनेमा में भी चेंज होगा। उन्होंने आईआईएम स्टूडेंट्स को सलाह दी कि वह इनोवेटर बनें। हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करेंगे, तभी काम में क्वॉलिटी ला पाएंगे।

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