गुरूजी का हुआ ट्रांसफर, छात्राओं ने मचाया बवाल
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नई टिहरी स्थित पीजी कॉलेज से जब एक शिक्षक का ट्रांसफर किया गया तो ट्रांसफर रुकवाने के लिए छात्राओं ने बवाल मचा दिया।
मांग मनवाने के लिए एक-दो नहीं, बल्कि 16 छात्राएं कालेज की छत पर चढ़ गई। नतीजन प्रशासन को छात्राओं की मांग माननी पड़ी और उन्हें सुरक्षित छत से नीचे उतारना पड़ा।
पीजी कॉलेज में शिक्षकों के कई पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इस बीच भूगोल के विभागाध्यक्ष डॉ. एके सिंह का स्थानांतरण कर राजकीय महाविद्यालय पोखरी का प्रभारी प्रधानाचार्य बनाकर भेजा गया है।
इससे गुस्साए छात्रों ने बुधवार को कॉलेज गेट पर तालाबंदी कर पढ़ाई व्यवस्था ठप कर दी थी। छात्रों का कहना था कि महाविद्यालय में पहले ही शिक्षकों की कमी बनी हुई है। ऐसे में विभागाध्यक्ष का स्थानांतरण होने से उनकी पढ़ाई चौपट हो जाएगी।
मांग मनवाने के बाद ही छत से उतरीं
बुधवार को समस्या का निस्तारण नहीं होने पर बृहस्पतिवार सुबह साढ़े नौ बजे करीब 16 छात्राएं कॉलेज बंद करवाकर कॉलेज की छत पर चढ़ गईं।
इस बीच पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, कपूर कुमाईं और विश्वजीत नेगी वार्ता कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन वे स्थानांतरण रद्द करने या फिर स्थानांतरित शिक्षक के बदले दूसरे की तैनाती की मांग पर अड़ी रहीं।
मौके पर पहुंचे एसडीएम डॉ. अभिषेक त्रिपाठी और प्रभारी प्राचार्य डॉ. पीके सिंह के साथ हुई वार्ता हुई, जिसमें तय किया गया कि विभागाध्यक्ष चार दिन पीजी कॉलेज नई टिहरी और दो दिन पोखरी महाविद्यालय की व्यवस्थाएं देखेंगे। इस पर छात्राएं मान गईं और करीब तीन घंटे बाद छत से नीचे उतर गई।
आंदोलनकारियों में यूआर विमला, कोषाध्यक्ष याशमीन, रीना, अर्चना, माया, रवीना, अनामिका, रीता, मोनिका, मालती, भारती, कुसुम, निशा, प्रियंका, मनीषा, प्रियंका केलेठा, बबीता रावत, शालिनी, ऊषा आदि शामिल थीं।