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आखिर क्यों? आईआईटी में इस साल घट गई लड़कियां

Sun, 23 Aug 2015 07:09 PM IST
अमर उजाला नेटवर्क/ कानपुर-वाराणसी-रुड़की
अमर उजाला नेटवर्क/ कानपुर-वाराणसी-रुड़की Updated Sun, 23 Aug 2015 07:09 PM IST
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girl student decreased in IIT roorkee.

इस साल आईआईटी में प्रवेश लेने वाली छात्राओं का रुझान कंप्यूटर साइंस की तरफ रहा है। आईआईटी मुंबई और कानपुर में जहां इस साल छात्राओं की संख्या बढ़ी है, वहीं रुड़की में संख्या घटी है लेकिन आईआईटी बीएचयू में संख्या यथावत है। इसके अलावा केमिकल और बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग में भी छात्राओं की रुचि बढ़ी है।

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आईआईटी में प्रवेश लेने वाली छात्राओं ने इस बार मैटलर्जी इंजीनियरिंग में भी रुझान जताया है, जबकि इसे लड़कियों के लिए बहुत बेहतर नहीं माना जाता है। पिछले वर्षों में आर्किटेक्ट, इलेक्ट्रिकल और मैथेमेटिक्स में अच्छा रुझान दिखा चुकी छात्राएं इस साल इस स्ट्रीम के प्रति अधिक आकर्षित नहीं दिखीं।
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डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर प्रोफेसर एआर हरीश के मुताबिक आईआईटी कानपुर में इस साल विभिन्न ट्रेडों में दो फीसदी अधिक छात्राओं ने प्रवेश लिया। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा 20 छात्राओं ने प्रवेश लिया। केमिकल, बायोसाइंस में भी छात्राओं की संख्या बढ़ी है।

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ये हैं बदलाव के संकेत

girl student decreased in IIT roorkee.

इस साल आईआईटी बीएचयू में कुल 1050 विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या 82 है, जबकि बीते साल भी छात्राओं की संख्या आठ फीसदी ही थी।

पिछले साल छात्राओं ने जहां केमिकल इंजीनियरिंग में अधिक रुझान दिखाया था, वहीं इस बार मैटलर्जी इंजीनियरिंग में छात्राओं ने दिलचस्पी दिखाई है जिसे पुरुष प्रधान माना जाता है। आईआईटी रुड़की में इस बार कुल 987 दाखिलों में छात्राओं की संख्या 75 ही रही, जो करीब आठ फीसदी है। पिछले साल छात्राओं की संख्या 85 थी।

पिछले साल आर्किटेक्ट में 7 के बजाय इस बार 3 छात्राओं ने प्रवेश लिया। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पिछले साल के 11 के मुकाबले इस साल 5, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में 4 के मुकाबले एक छात्रा और मैथमेटिक्स में 7 छात्राओं के मुकाबले इस साल दो छात्राओं ने ही प्रवेश लिया है।

इस साल बायोटेक्नोलोजी में 4 अधिक छात्राओं ने प्रवेश लिया। केमिकल इंजीनियरिंग में पिछले साल 11 छात्राएं थी जबकि इस बार 18 ने प्रवेश लिया, वहीं सिविल इंजीनियरिंग में पिछले साल 4 छात्राएं थीं जबकि इस बार 7 छात्राओं ने प्रवेश लिया है।

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