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रैगिंग मामले में जीबीटीयू ने कॉलेजों से मांगी रिपोर्ट
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Thu, 05 Sep 2013 02:12 AM IST
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डॉ. एमसी सक्सेना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में रैगिंग की शिकायत के बाद गौतम बुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय प्रशासन सख्त हो चला है।
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कुलपति प्रो. आरके खांडल ने बुधवार को सभी कॉलेज प्रबंधन को निर्देश जारी कर रैगिंग रोकने के लिए किए गए उपायों को सार्वजनिक करने को कहा है।
कॉलेज प्रशासन को ये सभी सूचनाएं अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होंगी। रैगिंग को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बरते जाने की स्थिति में कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
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कुलपति प्रो. खांडल ने साफ किया कि रैगिंग की किसी भी घटना को बख्शा नहीं जाएगा। रैगिंग रोकने के लिए छह सदस्यीय रैगिंग निषेध नियंत्रण प्रकोष्ठ बना दिया है।
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यह कमेटी किसी भी संस्थान में छापामार कर चेकिंग और वहां के छात्रों से बातचीत कर सकेगी। इस दौरान कोई भी शिकायत मिलने पर संबंधित कॉलेज प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कुलपति ने कहा कि छात्रों को आमतौर पर नए माहौल के अनुकूल खुद को ढालने में परेशानी होती है। यहां टीचर और सीनियर की भूमिका अहम है। यदि वे ही नए छात्रों को परेशान करने लगेंगे तो मुश्किलें काफी बढ़ जाएंगी।
कुलपति ने कहा कि पहले ही जीबीटीयू और उससे जुड़े कॉलेजों को छात्र नहीं मिल रहे हैं, उस पर ऐसी घटनाएं और भी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।
टीचर्स की कराएं काउंसलिंग
कुलपति ने सभी कॉलेज प्रशासन को निर्देश जारी कर अपने टीचर्स की काउंसलिंग कराने की सलाह भी दी है। उन्होंने कहा कि टीचर द्वारा नए छात्रों को खराब अंग्रेजी के कारण परेशान करने की शिकायतें सामने आई हैं।
टीचर को समझना चाहिए कि नए माहौल में आने और उसमें खुद को ढालने के लिए छात्रों को काफी जद्दोजहद करनी होती है। ऐसे में टीचर अनावश्यक दबाव बनाने के बजाए छात्रों के साथ सकारात्मक बर्ताव करें।