{"_id":"613e9c467954918cac002664294d8642","slug":"gb-pant-polytechnic-class-dispute","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीबी पंत पॉलीटेक्निक में नहीं चलीं कक्षाएं","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
जीबी पंत पॉलीटेक्निक में नहीं चलीं कक्षाएं
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Fri, 22 Nov 2013 09:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीबी पंत पॉलीटेक्निक में बुधवार को हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया
विज्ञापन
है।
संस्थान में गुरुवार को कक्षाएं पूरी तरह बंद रहीं। वहीं दूसरी ओर, निलंबित छात्रों ने विपक्षी छात्रों पर जातिसूचक शब्द प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
निलंबित छात्रों ने पारा थाने में हरिजन एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी है। बुधवार को जीबी पंत पॉलीटेक्निक में फर्स्ट इयर के डे स्कॉलर्स और हॉस्टलर्स के बीच मारपीट हुई थी।
डे स्कॉलर्स ने प्रिंसिपल के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें कमरे में बंद कर पीटा गया है। इसके बाद प्रिंसिपल केके श्रीवास्तव ने संस्थान के 21 छात्रों को निलंबित कर दिया था।
गुरुवार को संस्थान में कक्षाएं नहीं चलीं। प्रिंसिपल के अनुसार गुरुवार को स्टूडेंट्स पढ़ने ही नहीं आए।
उधर, निलंबित छात्रों ने डिप्लोमा इंजीनियर वेलफेयर एसोसिएशन का सहारा लेते हुए प्रिंसिपल और पारा थाने में अपना शिकायती पत्र सौंपा है।
शिकायती पत्र में लगभग दो दर्जन छात्रों को आरोपी बना गया है। पत्र में कमलेश कुमार, अरुण कुमार, अजय पाल, वीर सिंह, नितेश कुमार समेत करीब 36 छात्रों ने डे स्कॉलर्स पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
प्रिंसिपल केके श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा या कार्रवाई की जाएगी।
संस्थान में गुरुवार को कक्षाएं पूरी तरह बंद रहीं। वहीं दूसरी ओर, निलंबित छात्रों ने विपक्षी छात्रों पर जातिसूचक शब्द प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
निलंबित छात्रों ने पारा थाने में हरिजन एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी है। बुधवार को जीबी पंत पॉलीटेक्निक में फर्स्ट इयर के डे स्कॉलर्स और हॉस्टलर्स के बीच मारपीट हुई थी।
डे स्कॉलर्स ने प्रिंसिपल के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें कमरे में बंद कर पीटा गया है। इसके बाद प्रिंसिपल केके श्रीवास्तव ने संस्थान के 21 छात्रों को निलंबित कर दिया था।
गुरुवार को संस्थान में कक्षाएं नहीं चलीं। प्रिंसिपल के अनुसार गुरुवार को स्टूडेंट्स पढ़ने ही नहीं आए।
उधर, निलंबित छात्रों ने डिप्लोमा इंजीनियर वेलफेयर एसोसिएशन का सहारा लेते हुए प्रिंसिपल और पारा थाने में अपना शिकायती पत्र सौंपा है।
शिकायती पत्र में लगभग दो दर्जन छात्रों को आरोपी बना गया है। पत्र में कमलेश कुमार, अरुण कुमार, अजय पाल, वीर सिंह, नितेश कुमार समेत करीब 36 छात्रों ने डे स्कॉलर्स पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
प्रिंसिपल केके श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा या कार्रवाई की जाएगी।