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गढ़वाल विवि के फैसले से 20 हजार छात्रों पर संकट
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 01 Oct 2013 10:44 AM IST
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गढ़वाल विवि का निर्धारित सीटों पर ही दाखिलों का नियम डीएवी कॉलेज की भारी भरकम छात्र संख्या के लिए मुश्किलें पैदा करने वाला साबित होगा। एक ओर जहां कॉलेज को कानूनी खर्च का नुकसान उठाना पड़ेगा तो पांच साल तक सीट बढ़ाने पर रोक भी डीएवी के लिए दिक्कत पैदा करने वाली होगी।
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डीएवी कॉलेज में करीब दस साल से सीटों की बढ़ोतरी नहीं हुई है। विवि ने यहां छात्रसंख्या 12500 निर्धारित की है, जबकि हर साल छात्र संख्या इससे दोगुनी तक रहती है। इस बार भी राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते दाखिले 30 हजार पार कर चुके हैं। अब अगर निर्धारित संख्या से ऊपर वाले छात्रों को समस्या पेश आती है और वे कोर्ट जाते हैं तो इसके खर्च का खामियाजा भी डीएवी को ही उठाना पड़ेगा।
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दूसरी ओर, डीएवी कॉलेज में यदि 12500 की निर्धारित संख्या लागू की जाएगी तो बाकी करीब 20 हजार छात्रों के लिए भी मुश्किलें बढ़ जाएंगी। बता दें कि इससे पहले भी विवि कॉलेज के 3200 छात्रों का रिजल्ट ऐसे ही मामले में रोक चुका है। उन छात्रों का एक साल बर्बाद हो गया था।
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विवि की ओर से निर्धारित संख्या पर जोर देना अच्छी बात है। पूरे प्रदेश में निर्धारित संख्या का नियम लागू करने की आवश्यकता है। लेकिन सीट न बढ़ने से हमारे यहां मुश्किल हो सकती है।
-डा. देवेंद्र भसीन, प्राचार्य, डीएवी कॉलेज
हम यूजी की सीटें बढ़ाने के लिए विवि को एक प्रपोजल भेज चुके हैं। फिलहाल कॉलेज की संबद्धता कहां से बनी रहेगी, इस पर असमंजस बना हुआ है। सीट न बढ़ने पर दिक्कतें तो होंगी।
-डा. ओपी कुलश्रेष्ठ, प्राचार्य, डीबीएस कॉलेज