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हॉस्टल व रूम रेंट कंट्रोल एक्ट के लिए गांधीगिरी
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 06 Oct 2015 08:28 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय में नए सत्र का आगाज हो चुका है। बावजूद बाहरी राज्यों से यहां आकर पढ़ने वाले छात्रों के लिए हॉस्टल व रहने की समस्या जस की तस है। छात्रों की इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए दिल्ली रूम रेंट कंट्रोल अभियान एक बार फिर से तेज हो गया है।
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अगस्त से इस अभियान के तहत नॉर्थ कैंपस में धरना जारी है। चार छात्र भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं, जिनमें से दो हालत रविवार रात काफी बिगड़ गई।
दिल्ली रूम रेंट कंट्रोल अभियान के संयोजक प्रवीण कुमार ने बताया कि डीयू के आसपास के इलाकों में बिना कानूनी मंजूरी के लगातार किराए आसमान छू रहे हैं। कुछ गिने-चुने कॉलेजों में ही हॉस्टल की व्यवस्था है। ऐसे में छात्रों को महंगा किराया देने को मजबूर होना पड़ता है। इसके लिए 20 अगस्त से धरना जारी है।
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2 अक्टूबर से धरने के साथ चार छात्रों ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी। रविवार को दो छात्रों की हालत बिगड़ गई जिन्हें हिंदू राव अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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उन्होंने कहा कि यह भूख हड़ताल समाप्त हो भी गई तब भी हम यहां से जाएंगे नहीं। हम गांधीगिरी करते हुए अपनी भूख हड़ताल को लंगर हड़ताल में बदल देंगे और यहां से नहीं जाएंगे। छात्रों की मांग है कि दिल्ली रूम रेंट कंट्रोल एक्ट लागू किया जाए और हॉस्टल की व्यवस्था हो।