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विकलांग छात्रों को तीन विवि देंगे ये खास सुविधा

Mon, 14 Sep 2015 11:22 AM IST
Updated Mon, 14 Sep 2015 11:22 AM IST
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free education to handicapped students in hpu shimla.

प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, डॉ. वाईएस परमार बागवानी विश्वविद्यालय नौणी और चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में विकलांग छात्रों को निशुल्क शिक्षा मिलेगी। हाईकोर्ट के आदेशानुसार तीनों विवि ने 40 प्रतिशत विकलांग छात्रों को निशुल्क शिक्षा देने की अधिसूचना जारी की है। उमंग फाउंडेशन की याचिका पर हाईकोर्ट ने तीनों विवि को विकलांग छात्रों को निशुल्क शिक्षा देने के आदेश दिए थे। देश का कोई भी विकलांग छात्र इनमें प्रवेश ले सकता है।

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एचपीयू विकलांग छात्रों को निशुल्क शिक्षा देने वाला देश का पहला विवि बन गया है। इसके अलावा विकलांग छात्रों को रहने और खाने-पीने के लिए स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने चार जून को तीनों विश्वविद्यालयों को छह हफ्ते में विकलांग छात्रों के लिए निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। तीनों विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रारों ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

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2011 में दायर की थी जनहित याचिका

free education to handicapped students in hpu shimla.

स्कूल, कॉलेजों में भी निशुल्क शिक्षा- सरकार को स्कूल एवं कॉलेजों में विकलांगों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए हाईकोर्ट ने चार दिसंबर तक समय दिया है। दिसंबर के बाद स्कूल और कॉलेजों में भी विकलांग छात्रों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी।

उमंग फाउंडेशन के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने 29 जुलाई, 2011 को हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश कुरियन जोसेफ  को पत्र लिखा था। इसे जनहित याचिका मानकर अदालत ने कार्रवाई शुरू की थी। याचिका पर अदालत के अंतरिम आदेशों से पोर्टमोर स्कूल में सरकार ने विकलांग लड़कियों को हॉस्टल और भोजन समेत निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई थी।

नाहन, नगरोटा बगवां और जोगिंद्रनगर के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विकलांग लड़कों को भी हॉस्टल में रहने, खाने समेत मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की गई। चार जून के न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने विकलांग विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बढ़ाने के आदेश दिए, जो 3000 रुपये प्रतिमाह तक होंगे।

अदालत ने ढली और सुंदरनगर स्थित विशेष विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती करने तथा मूक बधिर और दृष्टिहीन बच्चों को अन्य सुविधाएं देने के आदेश भी दिए थे। राज्य लोकसेवा आयोग, अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड और शिक्षा बोर्ड को दृष्टिहीन एवं हाथ से लिख पाने में असमर्थ विकलांगों को विकलांग जन अधिनियम 1995 के अनुरूप राइटर की सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराने के आदेश भी दिए हैं।

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