फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   fraud in lucknow university model class room

एलयू में कबाड़ बन गए 'मॉडल क्लास' के उपकरण

Thu, 30 Jan 2014 10:10 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 30 Jan 2014 10:10 AM IST
विज्ञापन
fraud in lucknow university model class room

एलयू में मॉडल क्लास रूम तैयार कराने में जल्दबाजी दिखाते हुए विवि प्रशासन ने बिना सर्वे कराए ही अपट्रॉन पॉवरट्रॉनिक्स लिमिटेड के माध्यम से  80 लाख रुपये की लागत के 40 मॉडल क्लास रूम के उपकरण भेज दिए।

विज्ञापन

 
लेकिन कंपनी ने ढाई साल बीतने के बाद भी उपकरणों का इंस्टॉलेशन तक नहीं किया। कई विभागों ने मॉडल क्लास रूम का सामान अपने स्टोर रूम में रख दिया है।

अब उच्च शिक्षा विभाग ने इस मामले की जांच यूपीडेस्को के प्रबंधक आरके गुप्ता को सौंपी है। प्रबंधक ने लविवि के वित्त अधिकारी को पत्र भेजकर मॉडल क्लास रूम से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
विज्ञापन


लखनऊ विश्वविद्यालय में 40 मॉडल क्लास रूम बनाने के लिए अपट्रॉन पॉवरट्रॉनिक्स लिमिटेड को करीब ढाई साल पहले ठेका दिया था।

इसके माध्यम से कम्प्यूटर, लैपटॉप, व्हाइट बोर्ड, प्रोजेक्टर, साउंड सिस्टम सहित कई उपकरण दिए गए थे। इसके पीछे मंशा थी कि यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट स्मार्ट क्लास रूम में पढ़ाई करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस अत्याधुनिक क्लास रूम के माध्यम से उन्हें बेहतर ढंग से नॉलेज दी जा सके लेकिन एलयू प्रशासन के अधिकारियों की सांठगांठ के चलते इसका फायदा अभी तक स्टूडेंट नहीं उठा पाए हैं।

कमीशन के खेल के चक्कर में बिना सर्वे करवाए ही एलयू प्रशासन ने जबरदस्ती विभागों को मॉडल क्लास रूम का सामान भेज दिया। कंपनी ने भुगतान तो ले लिया लेकिन विभागों में ढंग से इंस्टॉलेशन तक नहीं किया।

यूनिवर्सिटी प्रशासन कंपनी को 40 लाख रुपये का भुगतान कर चुका है लेकिन विभागों की ओर से आपत्ति उठाए जाने के बाद शेष धनराशि अभी नहीं दी गई है।

मॉडल क्लास रूम बनाए जाने की विवि प्रशासन को इतनी जल्दबाजी थी कि कई विभागों में तो सिर्फ एक ही कमरा है लेकिन वहां मॉडल क्लास रूम बनाने के लिए सामान पहुंचा दिया गया।

दरअसल, कमीशन के इस खेल में माडल क्लास रूम विभागों को जबरिया थोप दिए गए। नतीजा यह हुआ कि स्टूडेंट्स को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।

कला संकाय में कई विभागों में तो यह मॉडल क्लास रूम का सामान कबाड़ की तरह एक कमरे में ठूंस कर रखा गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन की अदूरदर्शिता के कारण स्टूडेंट्स को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।


यूपीडेस्को के प्रबंधक (प्रणाली) आरके गुप्ता ने लखनऊ विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी को पत्र लिखकर मॉडल क्लास रूम से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाने को कहा है। फिलहाल, अब मामले की जांच पूरी होने के बाद पता चलेगा कि कहां-कहां गड़बड़ी कर रकम को दबाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed