एक ही हॉस्टल में रहेंगे भारतीय और विदेशी लड़के-लड़कियां
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एलयू में पढ़ने वाले विदेशी छात्र अब यहां के हॉस्टल में रहने वाले अन्य स्टूडेंट्स के साथ मिलकर रहेंगे। विवि प्रशासन ने एलयू के नए परिसर में बने एचजेबी इंटरनेशनल हॉस्टल में रहने वाले विदेशी छात्रों को आचार्य नरेंद्र देव इंटरनेशनल हॉस्टल व विदेशी छात्राओं को मैनेजमेंट गर्ल्स हॉस्टल में शिफ्ट करने के निर्देश जारी किए हैं।
कुलसचिव डॉ.एके मिश्रा ने नए परिसर में बने इंटरनेशनल हॉस्टल को खाली करवाने के लिए 15 जुलाई तक का समय दिया है। विदेशी छात्रों को हॉस्टल शिफ्ट करने में ट्रांसपोर्टेशन की जो भी सुविधा चाहिए वह विश्वविद्यालय मुहैया कराएगा।
नई व्यवस्था के बाद एलयू में पहले से अधिक स्टूडेंट्स को हॉस्टल मिल सकेगा। सत्र 2014-15 में ही ये व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया था, लेकिन कुछ कारणवश ऐसा हो नहीं सका।
एक ही हॉस्टल में आने से होगा फायदा
चीफ प्रोवोस्ट प्रो.राजकुमार सिंह ने बताया कि नवीन परिसर में बने इंटरनेशनल हॉस्टल में करीब 22 विदेशी छात्र हैं जबकि यहां 160 छात्र-छात्राओं के रहने की जगह है। इन्हें यहां शिफ्ट करने से कई फायदे होंगे। नवीन परिसर के हॉस्टल में 22 की जगह 160 स्टूडेंट्स रहेंगे।
140 अतिरिक्त स्टूडेंट्स को हॉस्टल मिल सकेगा। एक बड़ा फायदा ये भी है कि विदेशी छात्रों की कक्षाएं पुराने परिसर में चलती हैं। उनको रोज वहां से आना होता है। यहां रहने पर उनको दूर से नहीं आना पड़ेगा।
नवीन परिसर में जो इंटरनेशनल हॉस्टल खाली होगा वहां पुराने परिसर के पास बने चंद्रशेखर गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं को शिफ्ट किया जाएगा। इन छात्राओं की कक्षाएं नवीन परिसर में चलती हैं। इससे इनको उसी परिसर में जगह मिल जाएगी।