{"_id":"374300dfad51859f79532e1805a3a542","slug":"forgery-in-grading-system","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों की ग्रेडिंग में स्कूल कर रहे फर्जीवाड़ा","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
छात्रों की ग्रेडिंग में स्कूल कर रहे फर्जीवाड़ा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 23 Nov 2013 11:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूल अब ग्रेडिंग में भी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। सभी या आधे से ज्यादा स्टूडेंट्स को ए1 ग्रेड मिलने का दावा करने वाले स्कूल झूठ बोल रहे हैं।
विज्ञापन
पढ़ें, रामदेव के पतंजलि विवि की छात्रा लापता
विज्ञापन
50 फीसदी से अधिक ए1 ग्रेड का दावा करने वाले इन स्कूलों के बच्चों की कापियों की तीन स्तरीय जांच हो रही है। सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी ने एक स्कूल में टीचर्स ट्रेनिंग वर्कशॉप के दौरान यह खुलासा किया। उन्होंने बताया कि देश भर से स्कूलों और अभिभावकों की इस पर शिकायतें मिली थीं।
विज्ञापन
13 हजार स्कूलों के नतीजे का विश्लेषण
हकीकत जानने के लिए देश के 13 हजार स्कूलों के नतीजे का विश्लेषण किया गया। इससे पता चला कि देश भर में मात्र 58 स्कूल ही ऐसे हैं, जिनमें 50 फीसदी स्टूडेंट्स को ए1 ग्रेड मिले हैं। सीसीई पैटर्न को बेहतर बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके लागू होने के बाद अब बच्चे की असफलता पर स्कूल की जवाबदेही होती है।
पढ़ें, न बेनामी संपत्ति खरीदी, न स्टांप चोरी कीः रामदेव
जोशी ने स्कूलों के मिड टर्म में फीस बढ़ाने को भी गलत करार दिया। कहा कि दाखिला देने के बाद मिड टर्म में फीस नहीं बढ़ाई जा सकती। वहीं नौवीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबें कंपलसरी है। एक से आठ तक अगर किसी अन्य प्रकाशक की किताबों का इस्तेमाल करते हैं तो क्वालिटी एजुकेशन की जिम्मेदारी स्कूल की होगी।
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें---