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विदेशी बोर्ड के 'गुलाम' हुए 'स्वदेशी' स्कूल

Mon, 09 Feb 2015 01:39 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 09 Feb 2015 01:39 PM IST
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Foreign Board in indian schools

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) भले ही देशभर के हजारों स्कूलों में लाखों बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हों।

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लेकिन उन स्कूलों को अब ये बोर्ड नहीं भा रहे हैं, जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में देश ही नहीं दुनिया में भी नजीर माना जाता है। द दून स्कूल हो या श्रीराम स्कूल या फिर वसंत वैली। देहरादून और दिल्ली के ये प्रतिष्ठित स्कूल भारतीय बोर्ड का साथ छोड़ इंटरनेशनल जनरल सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (आईजीसीएसई) का दामन थामने की तैयारी में हैं।
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द दून स्कूल ने तो अभिभावकों को इस संबंध में प्राथमिक सूचना भी जारी कर दी है। द दून स्कूल समेत सभी प्रतिष्ठित स्कूलों की सीनियर कक्षाएं (11वीं और 12वीं) पहले से अंतरराष्ट्रीय बोर्ड इंटरनेशनल बेकलॉरेट फाउंडेशन से संबद्ध हैं। लेकिन इन स्कूलों में जूनियर सेक्शन (छह से आठ) समेत नवीं और दसवीं की कक्षाएं सीआईएससीई बोर्ड से संबद्ध हैं।
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द दून स्कूल जूनियर सेक्शन और दसवीं तक की कक्षाओं को आईजीसीएसई से जोड़ने वाला है। माना जा रहा है कि वर्ष 2017 से यह परिवर्तन आएगा। इसी तरह श्रीराम स्कूल, वसंत वैली और माडर्न स्कूल सहित कई आधे इंटरनेशनल बोर्ड वाले स्कूल भी जूनियर सेक्शन को आईजीसीएसई से जोड़ने वाले हैं।

हर चार माह में परीक्षा

Foreign Board in indian schools

अंतरराष्ट्रीय बोर्ड से संबद्धता के बाद संबंधित स्कूलों में छमाही और सालाना परीक्षाओं का प्रचलन खत्म हो जाएगा। आईबी की व्यवस्था के अनुसार स्कूलों में तिमाही (ट्राइमेस्टर) परीक्षा प्रणाली शुरू हो जाएगी। यानी हर चार महीने में परीक्षा होगी और परिणाम जारी किए जाएंगे।

यह भी है वजह

अंतरराष्ट्रीय बोर्ड से शिक्षा लेने वाले छात्रों के लिए विदेशी विवि में दाखिला पाने का रास्ता आसान होता है। ऐसे में अभिभावकों में बच्चों को अंतरराष्ट्रीय बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में प्रवेश दिलाने की दिलचस्पी बढ़ रही है।

ये प्रतिष्ठित स्कूल संबद्ध
देश के कई प्रतिष्ठित स्कूल आईबी से संबद्ध हैं। इनमें धीरूभाई इंटरनेशनल स्कूल मुुंबई, महात्मा गांधी इंटरनेशनल स्कूल अहमदाबाद, सिंबायोसिस इंटरनेशनल बंगलूरू, शरद पवार इंटरनेशनल स्कूल मुंर्बई, ब्रिटिश स्कूल दिल्ली, अमेरिकन स्कूल दिल्ली और मुंबई समेत 30 स्कूल शामिल हैं। दून का सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल भी आईबी से संबद्ध है।

यह हैं आईबी और आईजीसीएसई

Foreign Board in indian schools

इंटरनेशनल बेकालॉरेट (आईबी) फाउंडेशन का मुख्यालय जेनेवा में है। अफ्रीका, मध्य पूर्व, यूरोप, अमेरिका और जापान में इसके क्षेत्रीय कार्यालय हैं। 28 देशों में आईबी से संबद्ध 600 स्कूल हैं।

इंटरनेशनल जनरल सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन (आईजीसीएसई) की स्थापना यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज इंटरनेशनल एग्जामिनेशन की ओर से 1980 में हुई थी। विषय विशेष में पढ़ाई इस बोर्ड की अलग पहचान है।

ओमान, यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स, कंबोडिया, कनाडा, हांगकांग और भारत सहित दुनिया के 120 देशों में 70 विषयों में यह बोर्ड चल रहा है।

देश के बोर्ड और परीक्षा प्रणालियों में कोई खामी नहीं है। हमारे देश के सभी बोर्ड में पढ़ने वाले बच्चे दुनियाभर के विश्वविद्यालयों में बेहतर शिक्षा लेकर कामयाबी की इबारत लिख रहे हैं। जहां तक अंतरराष्ट्रीय बोर्ड से संबद्धता का सवाल है तो मैं इसे सिर्फ फैशन के तौर पर देखता हूं। स्कूल को अलग पहचान दिलाने के लिए भी ऐसा किया जा रहा है। लेकिन यह कहना उचित नहीं होगा कि भारतीय बोर्ड पिछड़ गए हैं।
- प्रो. यशपाल, प्रख्यात शिक्षाविद

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