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सैर-सपाटा में व्यस्त फ्लाइंड स्क्वॉयड, ढूंढ रहे प्लॉट

Sat, 12 Apr 2014 03:05 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 12 Apr 2014 03:05 AM IST
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flying squad is not doing his duty

एलयू में शाम की पाली में डिग्री कॉलेजों में नकलचियों को पकड़ने निकला एक उड़ाका दस्ता जमीन व प्लॉट के रेट पता करने लगा।

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राजधानी के आउटर पर स्थित कॉलेजों में इसके हाथ नकलची तो नहीं लगे लेकिन उस एरिया में जमीन व प्लॉट के क्या-क्या रेट हैं, यह पता कर लिया।

इसकी सुगबुगाहट एलयू में बढ़ी तो ड्राइवरों पर दबाव बढ़ने लगा। फिलहाल, इस मामले की गोपनीय जांच हो रही है कि आखिर कौन है, जिसने 185 किलोमीटर गाड़ी दौड़ा डाली।

मामला सामने आने के बाद अब उड़ाका दस्ता भी सर्तक हो गया है। एलयू में सुबह की पाली में नकलचियों को पकड़ने निकला उड़ाका दस्ता बख्शी का तालाब स्थित चंद्रिका देवी मंदिर दर्शन करने चला गया।
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इस मामले का खुलासा भी ड्राइवर ने ही किया लेकिन एलयू का परीक्षा विभाग इस पर पर्दा डालने में जुट गया। मामले की पोल खुल चुकी है।

अब इस मामले में जो महिला शिक्षिका व दो शिक्षक गए थे, उनके नाम भी सार्वजनिक हो रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में अभी एलयू प्रशासन लिखा-पढ़ी करने में कतरा रहा है लेकिन उड़ाका दस्ते अब मॉनीटरिंग के रडार पर आ चुके हैं।
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यह दो उदाहरण बताते हैं कि एलयू में उड़ाका दस्ता इस बार नकलचियों को पकड़ने के बजाय सैर-सपाटा में जुटा है। कुल 20 उड़ाका दस्ते बनाए गए हैं और प्रत्येक में चार शिक्षक शामिल हैं।

इस तरह कुल 80 शिक्षकों की ड्यूटी उड़ाका दस्ते में लगी हुई है। एलयू प्रशासन नकलचियों को पकड़ने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था और प्रत्येक शिक्षक को मानदेय भी देता है।


ऐसे में नकलचियों को न पकड़ कर उड़ाका दस्ता सैर-सपाटा कर धन की बर्बादी कर रहा है। इस बारे में जब एलयू के प्रॉक्टर प्रो. मनोज दीक्षित से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मामला प्रकाश में आया है।

इसकी जांच की जा रही है। प्रो. दीक्षित का कहना है कि वह इस बीच शहर से बाहर थे। अब लौटकर आएं हैं तो इस मामले की सच्चाई का पता लगा रहे हैं।

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