केंद्रीय विवि के सौ शिक्षक-कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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गढ़वाल विश्वविद्यालय में एलटीसी फर्जी बिल मामले के मुख्य आरोपी के कोर्ट में समर्पण के बाद अब पुलिस ने विवि के 100 अज्ञात शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में सीबीआई पूर्व में जांच कर चुकी है।
इसमें सात लाख से अधिक के घोटाले की बात उजागर हुई थी। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज किया गया है।
गढ़वाल विवि में वर्ष 2009 से 2013 तक एलटीसी के यात्रा बिलों के भुगतान में लाखों का घोटाले की आशंका जताई गई थी। सोसाइटी फॉर रिव्यूल्यूशन अगेंस्ट करप्शन के महासचिव संतोष मंमगाईं ने मई वर्ष 2015 में इसकी शिकायत सीबीआई से की थी। मंमगाईं ने बताया कि सीबीआई की जांच में 13 शिक्षकों को दोषी पाया गया था।
एमएचआरडी ने दिए थे कार्रवाई के निर्देश
सीबीआई ने जांच रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) को भेजी थी। एमएचआरडी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विवि को निर्देश दिए थे। विवि की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर मंमगाईं ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिख कर कार्रवाई की मांग की थी।
दिल्ली पुलिस की ओर से मामला पौड़ी पुलिस को भेजा गया। पुलिस अधीक्षक राजीव स्वरूप ने बताया कि पूरे मामले की प्रारंभिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर विवि के करीब सौ अज्ञात शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
अग्रिम जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच कोतवाली श्रीनगर के एसएसआई संतोष पाथीवाल कर रहे हैं।