CBSE के स्टूडेंट्स स्कूल में सीखेंगे, कैसे करें मार्केटिंग?
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स्टूडेंट्स को आर्थिक रूप से बाजार प्रबंधन के गुर सिखाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कवायद शुरू कर दी है। सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2015-16 से नौंवी और दसवीं के स्टूडेंट्स के लिए ‘फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट’ वोकेशनल कोर्स लागू किया है।
इससे स्टूडेंट्स को न केवल बाजार प्रबंधन की जानकारी होगी, बल्कि बीबीए और एमबीए जैसे कोर्सेज की प्रवेश परीक्षा में भी मदद मिलेगी। नौंवी और दसवीं के लिए लागू होने वाले ‘फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट’ वोकेशनल कोर्स से स्टूडेंट्स स्कूल लेवल पर ही आर्थिक बाजार के प्रबंधन की बारीकियां सीख सकेंगे।
इस कोर्स के लिए अलग से शिक्षकों के रखने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। स्कूलों में पहले से पढ़ा रहे कॉमर्स, इकोनॉमिक्स और बिजनेस स्टडीज के शिक्षकों को ही प्रशिक्षित किया जाएगा। विशेषज्ञों की मानें तो इस कोर्स में पढ़ने से बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस के क्षेत्र में स्टूडेंट जाने के लिए तैयार होंगे।
कोर्स संचालित करने के लिए सीबीएसई ने सभी स्कूलों से 30 जून तक आवेदन मांगे हैं। अभी तक यह कोर्स 11वीं और 12वीं में लागू था।
यह होगी कोर्स की थीम
सीबीएसई की ओर से जारी सर्कुलर में बताया गया है कि इस कोर्स में स्टूडेंट्स को बजट बनाना, आदर्श बचत, रुपये का प्रबंधन, घर खरीदते समय क्रेडिट का समझदारी से प्रयोग, बच्चों की शिक्षा, शादी और रिटायरमेंट प्लानिंग आदि की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा भी अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा।
ऐसे किया गया कोर्स डिवाइड
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सहयोग से चलने वाले इस कोर्स के अंतर्गत कक्षा नौ में स्टूडेंट्स को बेसिक्स ऑफ मनी मैनेजमेंट और कक्षा 10 में इंट्रोडक्शन टू फाइनेंशियल मार्केट का सब्जेक्ट पढ़ाया जाएगा। इसमें 60 नंबर की थ्योरी और 40 नंबर के प्रैक्टिकल होंगे। कोर्स को सिलेबस फाइनेंशियल मार्केट इंडस्ट्री के विशेषज्ञों ने एनएसई के साथ मिलकर तैयार किया है।
इस तरह होगा प्रैक्टिकल
60 नंबर की थ्योरी से अलग प्रैक्टिकल के लिए भी सीबीएसई ने अलग सिस्टम शुरू किया है। इस कोर्स में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मॉड्यूज (सॉफ्टवेयर) पर प्रैक्टिकल करना होगा। यानि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मॉड्यूज बैंकिंग और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज की तर्ज पर होगा। कंप्यूटर में यह मॉड्यूज खुलेगा और उसके बाद स्टूडेंट्स का प्रैक्टिकल कराया जाएगा।
वर्जन
इस सत्र से सीबीएसई ने नौंवी और दसवीं में यह कोर्स लागू किया है। यह एक अच्छी शुरुआत है। बच्चों को शुरुआती चरण में ही बाजार प्रबंधन की पूरी जानकारी मिलेगी।
- पीके पटपटिया, प्रधानाचार्य, डीएवी पब्लिक स्कूल कलानौर